पूर्ण पोर्टेबिलिटी: सिर्फ शहर बदले, मोबाइल नंबर नहीं

आप चाहें तो आपका मोबाइल नंबर आपकी व्यक्तिगत पहचान का स्थायी हिस्सा बन जाएगा। एक ठोस फायदा यह कि अगर आप अस्थायी रूप से किसी दूसरे शहर में जाते हैं तो बेवजह रोमिंग के चार्ज देने की जरूरत नहीं रहेगी। न ही वहां का लोकल सिम कार्ड खरीदने का झंझट उठाना होगा। मोबाइल कंपनियां वादा कर रही हैं कि वे नंबर पोर्टेबिलिटी से संबंधित आग्रह का निपटारा 24 घंटे के भीतर कर देंगी। यूं आंशिक मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है जिसके तहत एक ही सर्किल में मोबाइल नंबर को एक से दूसरी दूरसंचार कंपनी में ट्रांसफर करना संभव है।

 बालेन्दु शर्मा दाधीच
जी हाँ, आखिरकार तीन जुलाई से देश भर में पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी लागू हो गई। अब आप भले ही शहर बदल लें, दूरसंचार ऑपरेटर बदल लें लेकिन अपना मोबाइल नंबर बदलने की जरूरत नहीं रही। तीन बड़ी कंपनियाँ- एअरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने तुरंत इसका पालन शुरू कर दिया है। प्री-पेड और पोस्ट-पेड, दोनों श्रेणी के ग्राहक इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि आप चाहें तो आपका मोबाइल नंबर आपकी व्यक्तिगत पहचान का स्थायी हिस्सा बन जाएगा। एक ठोस फायदा यह कि अगर आप अस्थायी रूप से किसी दूसरे शहर में जाते हैं तो बेवजह रोमिंग के चार्ज देने की जरूरत नहीं रहेगी। न ही वहाँ का लोकल सिम कार्ड खरीदने का झंझट उठाना होगा। मोबाइल कंपनियाँ वादा कर रही हैं कि वे नंबर पोर्टेबिलिटी से संबंधित आग्रह का निपटारा 24 घंटे के भीतर कर देंगी। यूँ आंशिक मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है जिसके तहत एक ही सर्किल में मोबाइल नंबर को एक से दूसरी दूरसंचार कंपनी में ट्रांसफर करना संभव है।
ऊकीटेल के10000 में तेरह मेगापिक्सल का रियर कैमरा और पाँच मेगापिक्सल का सेल्फी (फ्रंट) कैमरा, 2 जीबी मेमरी, साढ़े पाँच इंच की स्क्रीन और 16 जीबी इंटरनल स्टोरेज मौजूद है। आप कहेंगे इसमें क्या खास है, आजकल तो हर पाँचवां-छठा स्मार्टफोन ऐसे फीचर्स से लैस है। फिर भी यह फोन अपने लांच से पहले ही चर्चित हो रहा है और उसकी वजह है इसकी शानदार बैटरी लाइफ। ऊकीटेल के10000 में 10000 मिलीएम्प ऑवर (एमएएच) बैटरी मौजूद है, जो एक बार चार्ज होने के बाद पाँच दिन तक काम करती रह सकती है। अब भला ऐसा स्मार्टफ़ोन किसे नहीं चाहिए जिसे पाँच दिन में सिर्फ एक बार चार्ज करने की ज़रूरत पड़े? लाखों उपभोक्ताओं फोन की खरीद के समय बैटरी लाइफ को ज़रूर देखते हैं। यही वजह है कि ऊकीटेल ने अपने फोन का नाम ही बैटरी की क्षमता के आधार पर के1000 रख दिया है। इसकी तुलना आइफोन 6 की बैटरी (1810 एमएएच) से करेंगे तो अंदाजा लग जाएगा कि ऊकीटेल क्यों खास है।
सेबी ने स्टार्ट अप कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने संबंधी नियमों में कुछ अनुकूल बदलाव किए हैं। इससे पहले बहुत सी भारतीय ऑनलाइन कंपनियाँ भारतीय शेयर बाजार की बजाए अमेरिका में सूचीबद्ध होने को वरीयता देती रही हैं। इस बीच इन्फीबीम और कॉमनफ्लोर जैसी कंपनियों ने भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ लाने में दिलचस्पी दिखाई है। इन्फीबीम का 450 करोड़ रुपए का आईपीओ जल्दी ही देखने को मिल सकता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियाँ (मसलन फ्लिपकार्ट और स्नैपडील) भी हमारे शेयर बाजार में प्रवेश करेंगी? वास्तव में इसकी उम्मीद न के बराबर है। एक तो भारतीय बाजार में उतनी रकम जुटा पाना आज भी संभव नहीं लग रहा जितना धन ये कंपनियाँ अपने प्रचार और ऑफर्स में पानी की तरह बहा रही हैं। दूसरे, फ्लिपकार्ट जैसी कई ई-कॉमर्स कंपनियाँ पूरी तरह भारतीय कंपनियाँ नहीं हैं बल्कि विदेशी कंपनियों की भारतीय शाखाओं के रूप में काम कर रही हैं। खुद फ्लिपकार्ट सिंगापुर आधारित फ्लिकार्ट प्राइवेट लिमिटेड का हिस्सा है। उसके लिए भारत की बजाए अमेरिकी शेयर बाजार ज्यादा अनुकूल है, जहाँ उसका करीब पाँच अरब डॉलर (31500 करोड़) रुपए जुटाने का इरादा है। भारतीय बाजार से इन्फीबीम के 450 करोड़ रुपए के लक्ष्य के साथ तुलना करें तो बात स्पष्ट हो जाती है। स्नैपडील ने भी कहा है कि सेबी के द्वारा किए गए बदलावों से भारतीय स्टार्ट-अप कंपनियों को आगे चलकर लाभ होंगे। यहाँ आगे चलकर शब्द काबिले गौर है।

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