पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में लगाये तीन दिन, आरोपी फरार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मलिहाबाद पुलिस कितनी संवेदनशील है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। हत्या के मामले में तीन दिन बाद पुलिस मुकदमा दर्ज कर रही है तो स्वाभाविक है कि अन्य मामलों में पुलिस मुकदमा ही नहीं दर्ज करती होगी। फिलहाल हत्या के आरोपी इन तीन दिनों में फरार हो गये है, जिसे पुलिस जद ही गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
बता दें कि मलिहाबाद कोतवाली के ग्राम तिलन चौंसझा निवासी सुरेश सिंह गत शुक्रवार को पड़ोसी गांव लोधई स्थित शराब ठेके पर अपने साथियों के साथ काफी शराब पीने के बाद शाम सात बजे अपने घर आया। जहां उसका विवाद उसके छोटे भाई दीप सिंह (20) से हो गया। जहां सुरेश सिंह ने घर में रखा फावड़ा उठाकर अपने छोटे भाई दीप सिंह पर कई वार कर दिए। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे सुरेश के चाचा विजय सिंह अपनी भाभी रीता सिंह के साथ पहुंचा तो सुरेश सिंह गालियां देता हुआ घर से निकल भाग गया। घर में खून से लथपथ हालात में दीप को देखकर वह पुलिस को सूचना देने के बाद ट्रॉमा सेंटर लेकर गये। जहां देर रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी।

इस मामले में पुलिस ने तीन दिन बाद मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करने की बात कर रही है।

कोहली पैथालॉजी के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

लखनऊ। नाबालिग बच्चों का खून निकालने के मामले में आरोपी कोहली पैथालॉजी के मैनेजर वीके भटनागर व टेक्निीशियन संत राम यादव व विजय प्रकाश गुप्ता की जमानत अर्जी सब न्यायाधीश अनिल कुमार श्रीवास्तव ने खारिज कर दी।
अभियोजन की ओर से डीजीसी मुन्ना सिंह यादव ने कहा कि गत सात अगस्त को वादी संजय औषधि निरीक्षक को सूचना मिली कि कोहली पैथालॉजी में नाबालिग बच्चों का खून निकाला जा रहा है। इस सूचना पर सीएमओ ने एक टीम गठित की एवं इसके बाद औषधि निरीक्षक, अपर नगर मजिस्ट्रेट एवं डिप्टी सीएमओ ने कोहली पैथालॉजी पर छापा मारा तो पाया पैथालॉजी में बच्चों का खून निकाला जा रहा है। इस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 38 बैग ब्लड के बरामद किया। कहा गया मौके पर फैजी, हिमांशु, अजय व विशाल नाबालिग बच्चों ने बताया कि उन्हें पांच सौ रुपये देने का लालच देकर लाया गया एवं खून निकालने से पहले कोई जांच नहीं की।

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