पुलिस ने अदालत के आदेश पर लिखी चंदन अस्पताल के खिलाफ एफआईआर पर मालिक को फिर भी बचा दिया

पुलिस ने अदालत के आदेश पर लिखी चंदन अस्पताल के खिलाफ एफआईआर पर मालिक को फिर भी बचा दिया

  • चंदन अस्पताल में एक बड़े आईएएस अफसर का पैसा लगे होने की चर्चा
  • कोविड के नाम पर लोगों को लूटने में लगा है चंदन अस्पताल
  • कई मरीजों की जान से खेल रहा चंदन अस्पताल
  • विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट तक की एफआईआर दर्ज नहीं की महीनों पुलिस ने
  • चंदन अस्पताल पर मेहरबान है लखनऊ की पुलिस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी स्थित चंदन अस्पताल पर राजधानी पुलिस इस कदर मेहरबान है कि बाराबंकी के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट को उसके खिलाफ मुकदमा लिखवाने के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। कोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल के खिलाफ गैरइरादतन हत्या व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के उल्लंघन की धाराओं पर केस दर्ज किया गया। हालांकि पुलिस ने यहां भी खेल करते हुए अस्पताल के मालिक का नाम एफआईआर में नहीं दर्ज किया। अस्पताल कोरोना के इलाज के नाम पर लोगों को लूट रहा है। चर्चा यह भी है कि इस अस्पताल में एक आईएएस का पैसा लगा हुआ है।
चंदन अस्पताल में लोगों की जान से खिलवाड़ जारी है। लापरवाही के कारण यहां कई मरीजों की जान जा चुकी है। ताजा मामला बाराबंकी के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अखिलेश कुमार अस्थाना से जुड़ा है। बाराबंकी के न्यायिक मजिस्ट्रेट अखिलेश कुमार अस्थाना की पत्नी विभा अस्थाना को इसी साल नौ फरवरी को चंदन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह कमर दर्द से पीडि़त थीं। चंदन अस्पताल ने एक सप्ताह तक उनके इलाज का नाटक किया और जमकर पैसे ऐंठे लेकिन विभा की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। स्थिति बिगडऩे पर विभा अस्थाना को चंदन अस्पताल प्रशासन ने 16 फरवरी को डिस्चार्ज कर दिया। यहां से उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया,जहां डाक्टरों ने विभा को मृत घोषित कर दिया। इस पर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अखिलेश कुमार अस्थाना ने पूरे मामले पर विभूतिखंड थाने में बीते 20 फरवरी को तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने मुकदमा नहीं दर्ज किया।
दरअसल, चंदन अस्पताल के मालिक पैसों के दम पर पुलिस का मुंह बंद कर देते हैं। कार्रवाई होता न देखकर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल के निदेशक डॉ. अनुराग श्रीवास्तव सहित पूरे मेडिकल स्टाफ के खिलाफ गैरइरादत हत्या और मेडिकल काउंसिल एक्ट के उल्लंघन का मुकदमा विभूतिखंड पुलिस ने दर्ज किया गया है लेकिन पुलिस यहां भी खेल करने से बाज नहीं आई। विभूति खंड पुलिस ने एफआईआर में चंदन अस्पताल के संचालन और ओनर अमर सिंह का नाम दर्ज नहीं किया।

पूर्व राज्यमंत्री फजले इमाम के परिजनों ने भी लगाया था लापरवाही का आरोप

पिछले दिनों इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर और प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री फजले इमाम की चंदन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा काटा था। फजले इमाम गुर्दे, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और बुखार से पीडि़त थे। 26 अगस्त को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोरोना जांच भी करवाई गई। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने पैसा वसूलने के लिए पहले गलत रिपोर्ट बना दी और फिर लाखों का बिल बना दिया। परिजनों ने जिलाधिकारी लखनऊ अभिषेक प्रकाश से कोरोना जांच के लिए अनुरोध किया, जिसके बाद जिलाधिकारी लखनऊ ने कोरोना जांच कराई। जांच में उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।

जांच के नाम पर खानापूर्ति

ड्डचंदन अस्पताल में इलाज के नाम की हो रही धन उगाही की तमाम शिकायतें पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी तक की गई हैं। वहीं सीएमओ कार्यालय भी जांच के नाम पर चंदन अस्पताल के मामलों को ठंडे बस्ते में डाल देता है। इसके कारण अस्पताल प्रशासन लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है।

चुनौतियों से भागने से नहीं मिलती सफलता: योगी

  • कोरोना काल ने दी नई संभावनाएं, तकनीक से जीवन बनता है आसान
  • सीएम ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 51 वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गोरखपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना का मतलब सब कुछ बंद करना नहीं है। चुनौतियों से भागने से नहीं चुनौतियों के आगे चलने से सफलता मिलती है। कोरोना कालखंड ने हमें नई सम्भावनाएं भी दी हैं। तकनीक से आम आदमी के जीवन को आसान बनाया जा सकता है।
सीएम योगी ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 51 वीं पुण्यतिथि के मौके पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाभ पहुंचाया जा सकता है। कोविड-19 की चुनौतियों के बीच कई संस्थाओं ने बड़े अच्छे प्रयास किए हैं। महंत दिग्विजयनाथ ने अपने जीवन में सामाजिक समरसता का संदेश दिया। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए औरों के लिए आदर्श स्थापित करने की कोशिश करनी चाहिए। कोविड-19 हॉस्पिटल तो कोरोना का इलाज कर रहे हैं लेकिन नॉन कोविड हॉस्पिटलों में भी लोगों को कोरोना से बचाने के उपाय करने चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना का मतलब शिक्षण संस्थाओं को बंद करके बैठ जाना नहीं है। वहां नियमित साफ-सफाई होनी चाहिए ताकि जब छह -सात महीने बाद बच्चे आएं तो उन्हें अपना स्कूल-कालेज बदला-बदला सा लगे।

कोरोना से हाहाकार, संक्रमितों का आंकड़ा चालीस लाख के पार

  • एक दिन में रिकॉर्ड 86 हजार से अधिक केस आए सामने
  • अब तक 69 हजार 561 लोगों की हो चुकी है मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कोरोना वायरस की रफ्तार थमने का नाम नहीं रही है। देश में रोजाना रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं। कुल मामलों की संख्या 40 लाख के पार हो गई है। वहीं अब तक 69 हजार से अधिक की मौत हो चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 86 हजार 432 मामले सामने आए और 1089 लोगों की मौत हो गई। इस दौरान 70 हजार 72 मरीज ठीक भी हुए। कोरोना के अब तक कुल 40 लाख 23 हजार 179 मामले सामने आए हैं और 69 हजार 561 लोगों की मौत हो चुकी है।

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