पुलिस की जवाबदेही बढ़ी”

पुलिस के खिलाफ आम जनता की सुरक्षा जिम्मेदारी से करने के बजाय वसूली करने और जनता की फरियाद न सुनने की शिकायतें आम हो चली हैं। जनता के फीड बैक में बहुत सी घटनाओं का फर्जी ढंग से खुलासा करने का आरोप भी पुलिस पर लगता रहा है। इस बात को सूबे के मुख्यमंत्री भी भलीभांति जानते हैं। इसी वजह से पिछले चार सालों में उन्होंने जनता की शिकायतों के ऑनलाइन समाधान को बढ़ावा देने का काम किया।”

sanjay sharma editor5उत्तर प्रदेश की पुलिस ट्विटर पर जनता की शिकायतें सुनने लगी है। अब शिकायतकर्ता को कंप्लेन करने के पांच मिनट बाद प्राइमरी मदद मिल जायेगी। इस सेवा को ट्विटर (एशिया) के वाइस प्रेसीडेंट ऋषि जेटली और यूपी के डीजीपी जावेद अहमद की मौजूदगी में लॉन्च किया गया। ऐसा माना जा रहा है कि ट्विटर से लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान मिलेगा और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी लेकिन ट्विटर पर फर्जी शिकायतों और गलत रिपोर्ट देने वालों से निपटना मुश्किल काम है। इसलिए पुलिस विभाग के मुखिया को ट्विटर की सफलता को लेकर उत्साहित होने के साथ ही अलर्ट रहने की भी जरूरत है।
प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों में बढ़ोत्तरी, हत्या, लूट, डकैती, चौरी और छिनैती समेत क्राइम की अन्य सभी घटनाओं में सालाना बढ़ोत्तरी से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस के खिलाफ आम जनता की सुरक्षा जिम्मेदारी से करने के बजाय वसूली करने और जनता की फरियाद न सुनने की शिकायतें आम हो चली हैं। जनता के फीड बैक में बहुत सी घटनाओं का फर्जी ढंग से खुलासा करने का आरोप भी पुलिस पर लगता रहा है। इस बात को सूबे के मुख्यमंत्री भी भलीभांति जानते हैं। इसी वजह से पिछले चार सालों में उन्होंने जनता की शिकायतों के ऑनलाइन समाधान को बढ़ावा देने का काम किया। इसमें सरकारी विभागों का काम, अपराध और अपराधियों से जुड़े आंकड़े भी ऑनलाइन उपलब्ध कराये जाने लगे। ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज करवाने की सुविधा दी गई। जन सुविधा केन्द्र के माध्यम से जिलाधिकारी और जन सुनवाई के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज करने वाले को निश्चित समय में समाधान दिलाने की सुविधा भी दी गई है। लेकिन शिकायतों के ऑनलाइन फीडबैक में अधिकारियों पर फर्जी रिपोर्ट लगाने के आरोप लगे हैं। इन वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबरों पर फर्जी शिकायतें भी आती रहती हैं।
इसलिए यूपी पुलिस को ट्विटर और ऑनलाइन सेवा पर आने वाली शिकायतों की स्कैनिंग का काम गंभीरता से करना होगा। ट्विटर पर आने वाली शिकायत सही है या गलत, इसकी जानकारी का सरल और त्वरित माध्यम भी निकालना होगा। इसके अलावा थानों पर शिकायत लेकर पहुंचने वालों के साथ व्यवहार में नरमी बरतनी होगी। उनकी बातों को गंभीरता से सुनने और शिकायत दर्ज कर मामलों का तय समय में समाधान करने की आदत डालनी होगी। ऐसा हुआ, तो निश्चित तौर पर जनता के बीच पुलिस की छवि बेहतर होगी।

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