पुलिसकर्मियों की जुगाड़ के दम पर फिर हुई मलाईदार थानों में तैनाती

  • 2006 में सोना लूट के मामले में 5 आरोपी
  • राकेश पचौरी वाणिज्य कर विभाग में तैनात था और जून 2016 में सिविल पुलिस में आमद करा ली थी। आलोक प्रताप सिंह मडय़िांव थाने में हैं तैनात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

2लखनऊ। राजधानी के कई थाने ऐसे हैं, जहां दागी पुलिसकर्मी तैनात हैं। तैनाती देने वाले अफसरों को भी नहीं मालूम है कि उनके ऊपर क्या आरोप लगे थे और किन मामले में उन्हें दागी घोषित किया गया था। हवाला का कारोबार करने वाले कांस्टेबल सुशील पचौरी की गिरफ्तारी के बाद इसका खुलासा हुआ है। सोना लूट के मामले में विभाग ने पांच पुलिसकमिर्यों को बर्खास्त किया गया था। पांचों पुलिसकमिर्यों ने कोर्ट से आदेश लेकर दोबारा न केवल विभाग में पद हासिल कर लिया है, बल्कि मलाईदार पोस्ट पर कब्जा जमा लिया।

वारदात के बाद शहर तैनाती

2006 में सोना लूट के मामले में 5 आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया था। मामला कोर्ट में पहुंचा था और उनके पक्ष में निर्णय हुआ था। इसके बाद 5 आरोपियों ने दोबारा पुलिस विभाग ज्वॉइन कर लिया था। हालांकि, दागी पुलिसकर्मियों को थाने में पोस्टिंग नहीं दी जाती है, लेकिन इन पुलिसकमिर्यों ने जुगाड़ के दम पर मलाईदार थानों में तैनाती पा ली थी।

40 किलो सोना लूट का था आरोप

लखनऊ का रहने वाला सुशील पचौरी एसटीएफ में कांस्टेबल था। उस पर आरोप है कि 2006 में उसने लखनऊ की जेल रोड पर दो कमांडो और दो दरोगा के साथ 40 किलो सोना लूट की वारदात को अंजाम दिया था। बाराबंकी में उसने पांच किलो सोना लूटा था। इसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया था। कोर्ट के आदेश पर वह दोबारा बहाल हुआ और सेल्स टैक्स विभाग में तैनात था। एक सट्टेबाजी में कांस्टेबल सुशील पचौरी मैच में सट्टा लगाने के मामले में पुलिस की रडार पर आया था। एटीएस मामले की छानबीन कर रही थी। इसी दौरान हवाला के जरिए बड़ी रकम के लेन-देन का भी खुलासा हुआ था। लखनऊ में पार्क अपार्टमेंट से पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया। उसने इस अपार्टमेंट के फ्लैट में कंप्यूटर और टेलीफोन की कई लाइन लगा रखी थी।

एसएसपी ने भेजा लाइन में

मडिय़ांव थाने में तैनात आलोक प्रताप सिंह को एसएसपी मंजिल सैनी ने तत्काल हटाकर पुलिस लाइन भेजने का आदेश दिया है। एसओ मडय़िांव के कहने पर उसे वहां पोस्ट किया गया था। एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि दागी पुलिसकर्मियों के खिलाफ दोबारा बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की जा रही है। पकड़े गए आरोपी सुशील पचौरी के साथ एक और सिपाही का नाम जांच में आ रहा है। उसके खिलाफ गैंगस्टर की भी कारर्वाई की जाएगी।

कौन कहां है पोस्टेड

राकेश पचौरी वाणिज्य कर विभाग में तैनात था और जून 2016 में सिविल पुलिस में आमद करा ली थी।
आलोक प्रताप सिंह मडय़िांव थाने में तैनात हैं।
संतोष तिवारी परियोजना सचिव का ड्राइवर है।
संतोष सिंह गोरखपुर पुलिस विभाग में एसओजी विंग में तैनात है।
 बैजनाथ सिंह यादव मिजार्पुर में चौकी इंचार्ज के पद पर तैनात है।

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