पुराने मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाएं अधिकारी

  • राजस्व परिषद के चेयरमैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान दिए निर्देश
  • समय पर राजस्व समितियों का गठन नहीं होने पर डीएम करेंगे हस्तक्षेप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। संशोधित राजस्व परिषद संहिता लागू होने के बाद राजस्व समितियों के गठन में हो रही देरी पर राजस्व परिषद के चेयरमैन अनिल गुप्ता ने नाराजगी जतायी है। उन्होंने मंगलवार को अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में निर्धारित वक्त में समितियों का गठन करने और पांच साल पुराने मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं हो पाने की स्थिति में डीएम को हस्तक्षेप करने का निर्देश भी दिया है।
राजस्व परिषद संहिता में कई नियम-कानून बदले हैं। संशोधित संहिता को लेकर अफसरों में भी असमंजस देखा जा रहा है और यही इसके शत-प्रतिशत पालन में देरी की वजह बन रही है। संहिता को लेकर तमाम शंकाओं को दूर करने और इसका तेजी के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के लिए ही चेयरमैन ने मंगलवार को बैठक की, जिसमें चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि संशोधित संहिता में राजस्व समितियों का गठन एक अहम काम है। इसके अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों को राजस्व समितियों का गठन करना है, जिसमें पांच सदस्य होंगे। इस समिति में प्रधानी चुनाव में नंबर दो पर रहे प्रत्याशी को भी रखना अनिवार्य किया गया है। राजस्व समितियां सह खातादारों के अंश निर्धारण में परामर्शदाता के रूप में काम करेंगी। अगर कोई ग्राम पंचायत समितियों के गठन में देरी करेगी तो डीएम को यह अधिकार होगा कि धारा-71 के तहत गठन सुनिश्चित कराएं। दरअसल, पिछले दिनों कई ग्राम प्रधानों ने हारे हुए प्रत्याशी को समिति में रखने का विरोध जताया था। इसी के चलते राजस्व समितियों के गठन में देरी हो रही थी। चेयरमैन ने सभी तहसीलों को रियल टाइम खतौनी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। अब तक महीनों तक खतौनी में हुए संशोधन को वेबसाइट पर अपडेट नहीं किया जाता है। नयी संहिता में अब धारा-143 के बजाए धारा 80 के तहत भू-उपयोग परिवर्तन किया जाएगा। इसके तहत अब जमीन पर निर्माण की सूरत में ही भू-उपयोग परिवर्तित किया जाएगा। अब तक कृषि योग्य जमीनों को भी आवासीय घोषित कर दिया जाता था।

सदर तहसील में डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी ऑनलाइन

  • चार अन्य तहसीलों में भी जल्द मिलेगी आनलाइन सुविधा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सदर तहसील क्षेत्र के लोगों को जमीन या सम्पत्ति और खसरा-खतौनी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने सदर तहसील क्षेत्र में ऑन लाइन डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी की व्यवस्था शुरू कर दी है। इस खतौनी का इस्तेमाल कहीं भी किया जा सकेगा।
डीएम राजशेखर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बने बूथ से पहली डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी जारी की। एडीएम प्रशासन राजेश पांडेय के मुताबिक पूरी खतौनी का डेटा डिजिटल हस्ताक्षरित है, जो सभी जगह मान्य होगा। इसमें कंप्यूटर का आइपी एड्रेस लॉग भी मेनटेन किया जा रहा है, जिससे पता चल सकेगा कि प्रिंटिग किस कंप्यूटर से निकाली गयी है। इसका समस्त डेटा अब क्लाउड सर्वर पर होगा। यूपीभूलेखजीओवी पर प्राप्त की जा सकती है। जैसे ही कोई अमल दरामद का आदेश तहसील द्वारा ऑन लाइन दर्ज होगा खतौनी पर तुरंत रियल टाइम डेटा से खतौनी में प्रिंट होगा। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी के कई फायदे हैं। ऑन लाइन डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी मिलने से फर्जीवाड़े की संभावना में कमी होगी। अब तक तमाम लोग खतौनी निकालकर उसमें फेरबदल कर गलत इस्तेमाल कर लेते थे। अब ऐसा करना आसान नहीं होगा। अक्सर लोग कचहरी और तहसीलों में खतौनी पाने के लिए चक्कर लगाते थे। तमाम रुपया खर्च करने के बावजूद खतौनी मिल भी गयी तो उसका सत्यापन कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ता था। यह व्यवस्था अन्य तहसीलों में भी बहुत जल्द लागू की जायेगा।

Pin It