पुराने कार्ड पर ही शिक्षक करेंगे ड्यूटी

लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले से परीक्षा विभाग के जिम्मेदार नकल माफियाओं पर लगाम लगाने के दावे कर रहे थे। उनके इस दावों को ठेंगा दिखाते हुए कॉलेज में रविवार को फीर्जी परीक्षक बायोलॉजी का प्रैक्टिकल लेने पहुंचे। हालांकि शक की बिना पर उनसे पूछताछ में यह पाया गया कि वह फर्जी तरह से ड्यूटी कर रहे थे। परीक्षा शुरू होने से पहले ही नकल माफियाओं का दबदबा दिखने लगा था। परीक्षा विभाग की लापरवाही ने इनके रास्ते और आसान कर दिये है। परीक्षा विभाग के यह नियम जारी करते ही कि जिन शिक्षकों का कार्ड पिछले साल बना है वह उसी पर ड्यूटी करेंगे। वहीं नई नियुक्ति वाले शिक्षकों का कार्ड बनाया जाएगा। अधिकतर कॉलेज से अब तक नई नियुक्ति वाले शिक्षकों का डेटा शिक्षा विभाग को नहीं मिला है। इस बात का फायदा उठाते हुए प्रैक्टिकल परीक्षा कराने फर्जी शिक्षक पहुंचे। इस बात की जानकारी मिलते ही स्कूल वालों ने इन शिक्षकों की जांच शुरू कर दी। इनमें से कुछ शिक्षक तो पकड़े गए और कुछ मौका देखते हुए रफू चक्कर हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डीआईओएस उमेश कुमार त्रिपाठी ने मुआयने में पाया कि यह शिक्षक अन्य कई कॉलेजों की परीक्षा भी ले चुका है। डीआईओएस उमेश त्रिपाठी का कहना है कि हमने स्कूलों से सीडी में शिक्षकों का डेटा भी मांगा है। अगर पिछले साल विषय विशेषज्ञों के फर्जी आई कार्ड बने हैं। तो उन्हें ट्रैक करने के लिए व्यवस्था भी की जाएगी। सवाल यह उठता है कि परीक्षा शुरू होने के पांच महीने पहले से शिक्षा विभाग इन सभी तैयारी को लेकर दावे कर रहा था जबकि इनके सारे दावों की हवा प्रैक्टिकल परीक्षा में नकल माफियाओं ने निकाल दी है।

अब देखना यह है कि परीक्षा को इतने कम समय बचे है। इसमे सुधार के लिए शिक्षा विभाग कौन सी नई नीति अपनाएगा।

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