‘पुराछात्रों के ज्ञान का समाज को मिले लाभ’

ऐतिहासिक इमारतों की स्थापत्य कला और मजबूती आज भी आश्चर्य का विषय

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आई.आई.टी. रूडक़ी पुराछात्र संगठन लखनऊ चैप्टर के वार्षिक सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आई.आई.टी. रूडक़ी देश की शान है। संस्थान का नाम उसके काम के लिये विख्यात है। आई.आई.टी. रूडक़ी के पुराछात्रों के ज्ञान एवं अनुभव का लाभ समाज को मिले। देश एवं प्रदेश के विकास में संगठन अपने विचारों एवं अनुभवों से सहयोग दे तो देश के साथ-साथ रूडक़ी का नाम भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत के इंजीनियरों की ख्याति पूरे विश्व में है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेक इन इण्डिया का नारा दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी मेक इन यूपी की बात कही है। उत्तर प्रदेश हिन्दुस्तान का हिस्सा है। दोनों को एक दूसरे के परस्पर पूरक के रूप में काम करना चाहिये। ऐसे में इंजीनियरों का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि अवस्थापना का निर्माण इंजीनियरों के माध्यम से होता है। समय और निर्धारित व्यय के अन्दर पर परियोजनाओं का काम पूरा करना चाहिये। उन्होंने कहा कि समय और निर्धारित व्यय पर काम पूरा न होने पर उसका असर परियोजना के उद्देश्य पर पड़ता है।
श्री नाईक ने पूर्व छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में अपना वैचारिक योगदान दें। ताजमहल, भूलभुलैय्या, बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा आदि की स्थापत्य कला और मजबूती आज भी आश्चर्य का विषय है। जबकि आज के युग की बनी इमारतें कुछ ही सालों में बेकार हो जाती हैं। गुणवत्ता और व्यय पर लगातार विचार-विनिमय होना चाहिये जिससे ज्ञान और अनुभव का लाभ समाज को मिले। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के साथ स्मार्ट सिटी के निर्माण करने में ऐसे संगठन सरकार और समाज को अपने सुझाव दें। राज्यपाल ने इस अवसर पर 1955,1965 एवं 1975 बैच के छात्रों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया तथा एक स्मारिका का भी विमोचन किया। सम्मानित होने वालों में मुख्यत: आर.एन. वर्मा, डी.एन. भार्गव, पी.एन. मिश्रा, पुस्कर श्रीवास्तव, ए.के. सिद्दीकी व अन्य लोग भी थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राकेश गर्ग सचिव, टेलीकाम, भारत सरकार एवं आर.एन. गोयल ने अपने अनुभव व पुरानी बातें साझा कीं।

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