पीजीआई के चिकित्सकों ने बेड खाली होने के बाद भी मरीज को लौटाया

  • हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी डेंगू को लेकर गंभीर नहीं स्वास्थ्य महकमा

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। हाईकोर्ट और शासन के सख्त आदेशों के बावजूद डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं है। एसजीपीजीआई जैसे संस्थान में गंभीर हालत में इलाज कराने पहुंचे डेंगू के मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया गया। जबकि पीएमएस वार्ड के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में डेंगू के मरीजों के लिए आरक्षित कई बेड खाली थे। ऐसे में मरीज को मजबूरन निजी अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।
बाराबंकी के सफेदाबाद निवासी 22 वर्षीय मोनू जायसवाल कई दिनों से डेंगू से पीडि़त हैं। परिजनों के मुताबिक हालत गंभीर होने पर शुक्रवार को पीजीआई लेकर गये थे लेकिन वहां चिकित्सकों ने बेड खाली न होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया। जबकि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों के माध्यम से जानकारी लेने पर पता चला कि पीएमएस वार्ड के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित कई बेड खाली हैं। इस संबंध में उन्होंने इमरजेंसी के अधिकारियों से बात भी की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार परिजन मरीज को लेकर लौट आये और इंदिरा नगर के शेखर अस्पताल में मरीज को भर्ती करवा दिया। वहां उसका इलाज चल रहा है।

डेंगू की चपेट में आने से दो और मरीजों की मौत

लखनऊ। जिले में डेंगू की गिरफ्त में आने से 24 घंटे के अंदर दो और मरीजों की मौत हो गई है। ये दोनों मौतें राजधानी के फैजुल्लागंज इलाके में हुई हैं। वहीं इलाके में करीब दर्जन भर अन्य लोगों में भी डेंगू की पुष्टि हुई है। फैजुल्लागंज की जुगुल विहार कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय वीरेन्द्र कुमार का केजीएमयू में इलाज चल रहा था। इसी दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। इसी प्रकार भरत नगर निवासी 29 वर्षीय मो. रफी अंसारी को भी डेंगू हुआ था। उनको गंभीर हालत में कल केजीएमयू में भर्जी कराया गया। जहां उनकी मौत हो गई। इस बीमारी की गिरफ्त में आने की वजह से अब तक 160 मरीजों की मौत हो चुकी है।

Pin It