पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में सोनिया की हुंकार

  • पीके की योजना, पीएम मोदी के इलाके से हो आंदोलन की शुरुआत
  • बनारस में सोनिया के रोड शो में उमड़ी भीड़ से गदगद हुए कांग्रेसी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
001बनारस। कांग्रेस अब पीके की मार्केटिंग स्ट्रेटजी पर ही काम कर रही है। पीके का मानना था कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस से सोनिया गांधी संदेश दें कि अब कांग्रेस मोदी को करारा जवाब देने की स्थिति में आ गई है। इसी रणनीति पर चलते आज सोनिया गांधी ने अपना रोड शो बनारस से शुरू किया। बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कमलापति त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके दलितों और ब्राह्मïणों को बड़ा संदेश देने की कोशिश की गई।
सोनिया आज सुबह 11 बजे वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां उनका शीला दीक्षित और राजबब्बर सहित कांग्रेस के अन्य कई नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। यहां से हजारों बाइकर्स के साथ सोनिया का काफिला सर्किट हाउस पहुंचा। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से आधे शहर में रैली निकाली गई। रोड शो की शुरुआत कचहरी से हुई। पहली बार कांग्रेस की तरफ से 30 किमी तक बैनर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं।
मोदी की वादा खिलाफी को बनाया मुद्दा
सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि वाराणसी में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। पीएम बनने से पहले मोदी जी ने बनारस की जनता को खूब सपने दिखाए लेकिन उन सपनों को हकीकत में बदलने का कोई भी काम होता नहीं दिख रहा है। मोदीजी ने काशी की जनता के साथ वादा खिलाफी की है। जिसका जवाब आने वाले चुनाव में जनता जरूर देगी। आज जिस तरह की भीड़ रैली में नजर आई है, वह लोगों में केन्द्र सरकार की वादा खिलाफी के प्रति एकजुटता को प्रदर्शित करती है।
प्रशांत किशोर की रणनीति पर हो रहा काम
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से प्रशांत किशोर की रणनीति पर काम कर रही है। राहुल गांधी की लखनऊ में आयोजित रैली हो या सोनिया गांधी का आज का वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम, दोनों जगहों पर कार्यक्रम की सफलता को लेकर ठोस रणनीति बनाई गई थी। इसमें मंच से लेकर मीडिया मैनेजमेंट तक का खास प्रबंध किया गया है। इसके लिए कांग्रेस की तरफ से भी जमकर पैसे खर्च किए जा रहे हैं। इस दौरान एसपीजी की तरफ से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

200 लोगों को सौंपी सोशल मीडिया संभालने की जिम्मेदारी

प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा अन्य सभी रैलियों की लोकप्रियता का जिम्मा अपनी टीम के खास 200 लोगों को सौंपा है। इसलिए सोनिया गांधी के दौरे से संबंधित सूचनाएं और खबरें फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप पर फोटोग्राफ, टेक्स्ट और वीडियो के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं। सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर की टीम के करीब 200 मेंबर लगे हुए हैं। इनकी तरफ से सोनिया गांधी की रैली पर पैनी नजर रखी जा रही है। आल इंडिया कांग्रेस कमेटी और यूपीसीसी की वेवसाइट और ट्विटर एकाउंट पर सोनिया गांधी के वाराणसी रैली की पल-पल की अपडेट दी जा रही है। इतना ही नहीं पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की तरफ से भी लोगों तक रैली से जुड़ी फोटो और वीडियो भेजने का काम गंभीरता से किया जा सकता है। पार्टी नेताओं की सक्रियता देखकर एक बारगी यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि ये वही कांग्रेस है, जो यूपी में पूरी तरह से निष्क्रिय मानी जा रही थी।

पाक जा रहे राजनाथ की सुरक्षा को लेकर खुफिया एजेंसियों की उड़ी नींद

  • हाफिज सईद के विरोध के बाद राजनाथ सिंह की सुरक्षा में लगाए जायेंगे 200 कमांडो, मिलेगी राष्टï्रपति स्तर की सुरक्षा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मेलन में भाग लेने जा रहे गृह मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा का मुद्दा भारत से लेकर पाक तक चिंता का विषय बन गया है। राजनाथ सिंह के दौरे का विरोध जिस तरह दुर्दांत आतंकी सरगना हाफिज सईद ने किया उसने भारत की खुफिया एजेंसियों को बेहद चौकन्ना कर दिया है। पिछले दिनों कश्मीर में राजनाथ सिंह के दौरे के बाद हाफिज सईद ने उनकी बहुत आलोचना करते हुए उनके पाकिस्तान आने का विरोध किया था। खुफिया एजेंसियों को चिंता है कि दुनिया भर के आतंकियों को पनाह देने वाला हाफिज सईद कहीं किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे दे।
भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठï अधिकारियों ने हाफिज सईद की धमकी के बाद बातचीत की। इसकी जानकारी पाक के पीएम नवाज शरीफ को दी गई। नवाज शरीफ की अध्यक्षता में फिर एक हाईलेवल बैठक हुई, जिसमें राजनाथ सिंह को पाकिस्तान के राष्टï्रपति स्तर की सुरक्षा देने का फैसला किया गया।
इस फैसले के तहत जब राजनाथ सिंह पाकिस्तान पहुंचेगे तो उनके साथ लगातार दो सौ कमांडो रहेंगे, जिसमें भारत और पाकिस्तान दोनों के सुरक्षा बल शामिल हैं। राजनाथ सिंह को पीएम कार्यालय के एक किलोमीटर दूर हाई सिक्योरिटी जोन में स्थित होटल में रुकवाया जाएगा। सबकी निगाहें हाफिज सईद पर टिकी हैं कि वह विरोध का कौन सा तरीका अपनायेगा।

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