पीएचडी में प्रवेश के लिए ब्योरा न देने पर लुआक्टा ने लिखा पत्र

  • कुलसचिव कार्यालय से हो रही है हीलाहवाली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में लुआक्टा को लिखकर कुलपति को पत्र सौंपा। पत्र में शोध कार्य से वंचित छात्र-छात्राओं व महाविद्यालयों के शिक्षकों को प्रर्यवेक्षक के लिए जल्द से जल्द पत्र निर्गत कराने की मांग की। ताकि छात्र-छात्राएं इसका समय से लाभ उठा सकें।
विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। विवि प्रशासन अब तक पीएचडी प्रवेश के लिए सीटों का ब्योरा महाविद्यालयों को नहीं सौंपा है, जिससे महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी जा सकी है। पीएचडी के एडमिशन के लिए विभागाध्यक्षों को 20 जुलाई तक अपने विभागों सहित संबद्ध कॉलेजों को भेजना था, जिनमें से कुछ ही विभागों ने अपने यहां की सीट का ब्योरा दिया है। विवि की इस कार्यप्रणाली से नाराज लुआक्टा के सदस्यों ने कुलपति को पत्र लिखकर पीएचडी, शोध पर्यवेक्षक की सीटों की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। डॉ. मनोज पाण्डेय ने बताया कि समय से जानकारी मिलने से यूजीसी के दिशा निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों को एपीआई का लाभ मिल सकेगा। कुलसचिव कार्यालय से अब तक पत्र जारी कर देना चाहिए था लेकिन पत्र जारी करने को लेकर हिला हवाली हो रही है, जिससे शिक्षकों में तरह-तरह के भ्रम उत्पन्न हो रहे हैं। वहीं अगले महीने से पीएचडी की आवेदन प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसी स्थिति में सीटों की सही जानकारी किसी के पास नहीं है।
इस संबंध में एडमिशन को.ऑर्डिनेटर प्रो.अनिल मिश्रा का कहना है कि हमने विभागों को ब्योरा देने के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं जल्द ही विभागों से सीटों का ब्योरा आ जाएगा।

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