पार्षद के अवैध कामों से पैसा लेती थी विभूतिखंड पुलिस

हिन्दुस्तान अखबार  दफ्तर पर हुये हमले  मामला

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बड़े-बड़े अपराधियों को पलक झपकते ही पकडऩे का दावा करने वाली लखनऊ पुलिस एक पार्षद को 15 दिन बीतने के बाद भी अभी तक पकड़ नहीं सकी है और ऐसा सिर्फ इसलिये हो रहा है कि विभूतिखंड पुलिस इस पार्षद के गैर कानूनी कार्यों से जमकर अपना हिस्सा वसूल करती है। लखनऊ की सबसे दुस्साहिक वारदातों में से एक हिन्दी दैनिक अखबार हिन्दुस्तान पर हुआ हमला था। इससे पहले लखनऊ में कभी भी किसी अखबार के दफ्तर पर हमला नहीं हुआ था। इस हमले की गूंज पूरे देश में हुई। माना जा रहा था कि 24 घंटे के अंदर इस गुंडे पार्षद को गिरफ्तार कर लिया जायेगा लेकिन अवैध वसूली करने में जुटी विभूतिखंड पुलिस को इतना समय नहीं है कि वह खुलेआम घूम रहे पार्षद को गिरफ्तार कर सके।
बता दें कि विभूतिखंड थाना क्षेत्र में बीजेपी पार्षद दिनेश यादव का एक अपना साम्राज्य है। अवैध पार्किंग सहित कई ऐसे कार्य है जिसमें बीजेपी पार्षद दिनेश यादव शामिल है। इस अवैध कार्यों से विभूतिखंड पुलिस को प्रतिमाह एक मोटी रकम मिलती है। यदि पार्षद गिरफ्तार होगा तो स्वाभाविक है कि पुलिस की अवैध कमाई में काफी नुकसान होगा। पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर कप्तान ने भले ही आदेश दिया हो लेकिन उनके आदेश को उनके ही थानाध्यक्ष धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहे है। गौर करें तो यह मामला मीडिया से जुड़ा हुआ है तो विभूतिखंड पुलिस का यह रवैया है यदि आम जनता से मामला जुड़ा होता तो कहना गलत नहीं होगा कि पुलिस आम लोगों को ही पार्षद के रसूख के आगे गलत धाराओं में फंसाकर उसे जेल भेज देती। लेकिन कप्तान की नजर में मामला होने के कारण विभूतिखंड पुलिस ऐसा नहीं कर पा रही है।
कप्तान का आदेश भी बेसअर है थानाध्यक्ष के लिये
वर्तमान में कुछ थानाध्यक्ष अपने कप्तान के आदेश को ठेंगे पर रख रहे है वहीं दूसरी तरफ कप्तान को झूठा आश्वासन देने से बाज नहीं आ रहे है। इस तरह का कारनामा करने में अब विभूतिखंड थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा भी पीछे नहीं है। चार दिन पूर्व कप्तान राजेश कुमार पांडेय ने थानाध्यक्ष विभूतिखंड विनोद मिश्रा को फोन पर बीजेपी के पार्षद को गिरफ्तार करने को कहा था तो उन्होंने गिरफ्तार करने का दावा किया था। लेकिन चार दिन बाद भी पार्षद की परछाई भी थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा को नसीब नहीं हो पाई।

इतना बड़ा बदमाश नहीं है पार्षद

पुलिस बीजेपी के गुंडा पार्षद दिनेश यादव को 10 दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। जबकि वह पार्षद खुलेआम घुम रहा है। यह हालत तब है जब गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित प्रमुख सचिव गृह और कई अधिकारियों ने पार्षद को गिरफ्तार करने का आदेश देते हुये पत्रकारों की सुरक्षा का दावा किया है। पुलिस की मानें तो उसकी गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी जा रही है लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर सिर्फ झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। पार्षद के बारे में पुलिस को पता है लेकिन पुलिस पार्षद डर के कारण उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।

यह है मामला

प्रीतम गौड़ बाइक से विभूतिखंड में कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से बाइक सवार महेंद्र यादव ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। वह गिर गए तो उन्होने विरोध जताया । इस पर महेंद्र ने पार्षद के भाई विजय प्रताप यादव उर्फ सोनू को फोन किया। कुछ ही देर में सोनू, दीपक यादव, भानू यादव, धीरेंद्र यादव समेत 200 लोगों के साथ आ धमका। उन्होंने प्रीतम को हेल्मेट व लाठियों से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। उसे पिटता देख अखबार के सिक्योरिटी गार्डों ने बीच-बचाव किया और प्रीतम को बचाकर अपने दफ्तर में ले गए। इससे गुस्साए हमलावर भी दफ्तर में घुस आए और तोडफ़ोड़ तथा मारपीट करने लगे। इस मामले में पुलिस ने गुलाम हुसैन पुरवा निवासी दीपक यादव, रिसहापुरवा निवासी महेंद्र यादव, पार्षद के भाई विजय प्रताप यादव और महेंद्र के भाई वीरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि पार्षद पर हाथ डालने से पुलिस कतरा रही है।]

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