पार्टी में जी हुजूरी बिल्कुल भी नहीं चलेगी: राजबब्बर

  • पार्टी में सिर्फ काम करने वालों को ही दी जायेगी तरजीह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने पार्टी में नेताओं की गणेश परिक्रमा करने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी में काम करने वालों को तरजीह दी जायेगी। जी हुजूरी करने वालों की बिल्कुल भी नहीं चलेगी। इसलिए बेहतर है, सभी कार्यकर्ता आने वाले चुनाव में पार्टी को बहुमत दिलाने की दिशा में मिलजुल कर काम करें। इस दौरान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने नारायण दत्त तिवारी के मुख्यमंत्रित्व काल के बाद प्रदेश में विकास ठप होने का आरोप लगाया। इसके साथ ही प्रदेश की जनता से आने वाले विधानसभा चुनाव में बहुमत दिलाने की अपील की है।
बारिश की हल्की बौछारों के बीच जब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और प्रदेश में कांग्रेस की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित का लखनऊ में जोरदार स्वागत हुआ तब ‘अबकी बार शीला सरकार के नारों से माहौल गूंज उठा। कांग्रेस से मिली जिम्मेदारियों के बाद पहली बार लखनऊ पहुंची शीला दीक्षित व राजबब्बर को देखकर कार्यकर्ताओं का जोश देखते बन रहा था। खुद को दिखाने और नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रही। हालांकि प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद का मीटिंग में न पहुंच पाना चर्चा का विषय रहा। कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी ने बताया कि सर्वदलीय बैठक होने के कारण आजाद लखनऊ नहीं आ सके। स्वागत में उमड़े कांग्रेसी नेताओं में कानपुर से अभिनव तिवारी, इलाहाबाद से फारूक कमर खान, मेरठ से युसूफ कुरैशी, गोरखपुर से डॉ. सैयद जमाल, मदन त्रिपाठी व पूनम गुप्ता, अम्बेडकरनगर से सत्यदेव सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की टोली पहुंची। इस दौरान मेटाडोर पर लगी प्लाई टूट गई, जिससे कुछ देर के लिए भगदड़ मच गई लेकिन रैली जारी रही।
इस दौरान राज बब्बर ने सपा बसपा को जाति आधारित दल बताया और कहा कि कांग्रेस का मान-सम्मान बढऩे से ही कार्यकर्ताओं का मान बढ़ेगा। राजबब्बर का कहना था कि वर्ष 2017 में प्रदेश की जनता कांग्रेस के पक्ष में चमत्कार करेगी। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने एनडी तिवारी के मुख्यमंत्रित्व काल के बाद से प्रदेश में विकास ठप होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने अपने बयान को लेकर भी सफाई दी, जिसमें बिहार व उप्र के लोगों को दिल्ली की बदहाली के लिए जिम्मेदार बताया गया था। दीक्षित का कहना था कि बयान को गलत ढंग से प्रचारित किया गया। इस मौके पर पार्टी में गुटबाजी भी दिखी। पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता अपने-अपने नेताओं के पक्ष में नारेबाजी करते दिखे। राज बब्बर और शीला दीक्षित के साथ प्रमोद तिवारी, संजय सिंह, डॉ. निर्मल खत्री, मोहसिना किदवई, राजीव शुक्ल, श्रीप्रकाश जायसवाल, रीता बहुगुणा, सलीम, प्रदीप जैन आदित्य, पीएल पुनिया व प्रदीप माथुर जैसे सभी दिग्गज शामिल रहे।

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