पापा थाने से विवेक के पापा को छुड़ा दीजिए…तभी यह लोग मुझे छोड़ेंगे

-4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

Captureलखनऊ। पापा विवेक के पापा को थाने से छुड़ा दीजिए तभी यह लोग हमें छोड़ेंगे। यह किसी फिल्म का डॉयलाग नहीं बल्कि केंद्रीय विद्यालय गोमतीनगर की छात्रा का है जिसका अपहरण एक सप्ताह पूर्व कर कर लिया गया था। इसकी जानकारी पुलिस को भी है लेकिन दबंगों के आगे पुलिस बेबस है या फिर यह कहें कि स्थानीय पुलिस भी मिली हुई है तो गलत नहीं होगा।
मामला गोमतीनगर थाना क्षेत्र का है। खरगापुर निवासी सजीवन (काल्पनिक नाम) एक गैस एजेंसी में डिलीवरीमैन का कार्य करते हैं। सजीवन की तीन पुत्रियां और एक पुत्र है। तीनों पुत्रियां केंद्रीय विद्यायल की छात्रा हैं। बड़ी पुत्री 15 वर्षीय ममता (काल्पनिक नाम) हाईस्कूल की छात्रा है। सजीवन के मुताबिक 12 मई 2015 को वह अपनी पुत्री ममता को केंद्रीय विद्यालय के गेट पर छोडक़र अपने कार्य पर चले गए। वापस लेने आये तो दोनों छोटी पुत्रियां गेट पर खड़ी अपने पापा का इंजतार कर रही थीं जबकि ममता गायब थी। काफी तलाश करने पर ममता का कहीं पता नहीं चला। दोनों पुत्रियों ने सजीवन को बताया कि बाहर गेट पर विवेक मौर्या पुत्र राम कृष्ण मौर्या, विमल, ललित और सूरज पुत्र विनोद सिंह निवासी खरगापुर खड़े थे। अनहोनी की आशंका होने पर सजीवन ने गोमतीनगर थाने पहुंचकर मामले की सूचना दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 363 और 366 के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच करने की बात कही। लेकिन एक सप्ताह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीडि़त दम्पति लगातार थाने का चक्कर लगा रहे हैं।
डीआईजी ने लगाई फटकार
कार्रवाई नहीं होने पर पीडि़त दम्पति सोमवार को डीआईजी रेंज लखनऊ आरके चतुर्वेदी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। डीआईजी ने विवेचक को फटकार लगाते हुए जल्द ही छात्रा को बरामद करने का आदेश दिया। फटकार के बाद विवेचक और थानाध्यक्ष मामले में तेजी दिखा रहे हैं।

कौन है विवेक

विवेक खरगापुर का निवासी है। सजीवन के मुताबिक 25 अपै्रल 2015 को विवेक ने अपने साथियों के साथ ममता के साथ छेडख़ानी की थी। इसकी जानकारी मिलने पर सजीवन ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने विवेक और उसके साथियों पर छेडख़ानी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बजाय दोनों पक्षों में दबाव बना कर समझौता करा दिया। बाद में विवेक ने ममता के अपहरण और उसकी हत्या की धमकी दी थी। सूत्रों के मुताबिक विवेक का दबंग लोगों से सम्पर्क है। उसके परिजन भी आपराधिक छवि के हैं।
नासिक से ममता का आया फोन
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए विवेक के पापा को थाने बुलाया। इसकी जानकारी विवेक को हुई। जहां 16 मई 2015 को सजीवन के मोबाइल नम्बर पर सुबह लगभग आठ बजे इस नम्बर +917276699994 से कॉल आई। कॉल करने वाले ने ममता से बात कराई। ममता ने रोते हुए कहा कि पापा विवेक के पापा को थाने से छुड़ा दीजिए तभी यह लोग हमें छोड़ेंगे। इसकी सूचना सजीवन ने पुलिस को दी। लेकिन पुलिस जांच की बात करते हुए पीडि़त दम्पति को टरका रही है।

Pin It