पानी की कम खपत वाली खेती करने की जरूरत

  • जल संरक्षण एवं प्रबंधन के मुद्दे पर सीमैप में आयोजित हुई संगोष्ठी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सीमैप में स्वच्छ और हरित पर्यावरणीय समिति की ओर से जल संरक्षण एवं प्रबंधन अभियान विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर एंड लैंड मैनेजमेंट के पूर्व निदेशक प्रो. नुसरत जमाल ने कहा कि पानी की समस्या भयावह रूप लेती जा रही है। ऐसे में पानी का व्यापक स्तर पर संरक्षण और प्रबंधन जरूरी हो गया है। ऐसे में किसानों को भी ध्यान देने की जरूरत है, उन्हें ऐसी फसलों की खेती करनी चाहिए, जिसमें पानी की खपत कम हो। सिंचाई से बचे पानी के दोबारा इस्तेमाल पर भी ध्यान देना होगा। इसके साथ ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए हमें हर संभव कोशिश करनी होगी।
वहीं वन एवं पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त निदेशक डॉ. अमित गुप्ता ने कहा कि खाली जगहों पर पौधरोपण को बढ़ावा दिया जाए, जिससे पानी की कमी को पूरा किया जा सके। उन्होंने पंचवटी प्लांटेशन तकनीक के तहत हर घर में बरगद, आंवला, बेल, पीपल और अशोक के पेड़ लगाने की सलाह दी। इंजीनियर सुमेर अग्रवाल ने कहा कि जल्द ही पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी। वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि ड्रिप इरीगेशन सिंचाई पद्धति का इस्तेमाल
कर बड़ी मात्रा में पानी बचाया जा
सकता है।

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