पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराएं खाद्यान्न: मुख्य सचिव

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश के 24 जनपदों में आगामी जनवरी, 2016 से खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि इन जनपदों में पात्र परिवार के प्रत्येक व्यक्ति को 3 किलोग्राम गेहूं व 2 किलोग्राम चावल खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि अवशेष 51 जनपदों में मार्च, 2016 से खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू कर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कराया जाये।
मुख्य सचिव आलोक रंजन शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 को प्रदेश में पारदर्शिता के साथ लागू करने हेतु विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पात्र गृहस्थियों हेतु प्राप्त होने वाले खाद्यान्न का अपने जनपद में आकलन अवश्य कर सुरक्षित भण्डारण हेतु पर्याप्त व्यवस्था आगामी माह दिसम्बर, 2015 तक अवश्य पूर्ण कर ली जाये। खाद्यान्न वितरण को पारदर्शिता से कराने एवं अनियमितता को रोकने हेतु सतर्कता निगरानी समितियों का गठन जनपद, ब्लाक एवं ग्राम स्तर पर कराने के निर्देश दिये गये हैं।

जिसमें आम नागरिकों को भी सदस्य के रूपये में सम्मिलित किया जाये।
उन्होंने बताया कि आगामी जनवरी माह से प्रदेश के 24 जनपद-आगरा, अमरोहा, ओरैया, बागपत, बस्ती, बिजनौर, बुलन्दशहर, इटावा, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, जी.बी. नगर, गाजियाबाद, हापुड़, जालौन, झांसी, कन्नौज, कानपुर नगर, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, सन्तकबीर नगर एवं सिद्धार्थ नगर में लागू कराकर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कराया जाये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में कम से कम एक नगरीय क्षेत्र के समस्त उचित दर दुकानों के लाभार्थियों के आधार सीडिंग आगामी 15 दिसम्बर तक अवश्य करा दी जाये, ताकि पी.ओ.एस. डिवाइस से वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद सुधीर गर्ग, खाद्य आयुक्त अजय चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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