पाक ने अनुपम को कहा, नो एंट्री

भाजपा ने कहा दुखद है पाकिस्तान का यह रवैया

Q14पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पाकिस्तान में 5 फरवरी को होने वाले साहित्य सम्मेलन में भाग लेने के लिए पाकिस्तान ने पद्म भूषण अनुपम खेर को वीजा देने के लिए मना कर दिया है। कुल 18 कलाकारों को इसमें भाग लेने के लिए जाना था, मगर अनुपम खेर को छोडक़र बाकी 17 कलाकारों को वीजा दे दिया गया है। पाकिस्तान के इस कदम से भारत में राजनैतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा अनुपम खेर के साथ खड़ी है तो विपक्ष इसे मोदी सरकार की विदेश नीति की विफलता बताते हुए मोदी और नवाज शरीफ के रिश्तों पर छींटाकशी करने में जुट गया है। एक बार फिर असहनशीलता का मुद्दा चर्चा में है।
आमिर खान के देश में असहिष्णुता के मुद्दे पर दिए गए बयान के बाद भाजपा के पक्ष में सबसे बड़ी कमान अनुपम खेर ने ही संभाली थी। उन्होंने कलाकारों के साथ मार्च निकाला था और कहा था कि देश में कहीं असहिष्णुता नहीं है। सरकार ने भी अनुपम खेर के इस प्रयास के बदले उन्हें पद्म भूषण से नवाजा था।
मगर अब जब पाकिस्तान के साहित्य सम्मेलन में साहित्यकारों के जाने की बात हुई तो पकिस्तान ने अनुपम खेर को वीजा देने से मना कर दिया। मोदी सरकार को इस फैसले से भारी झटका लगा है। पिछले दिनों में जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने नवाज शरीफ के साथ अपने संबंध बेहतर करने की रणनीति बनाई थी और वह मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए खुद अचानक पाकिस्तान तक चले गए थे।

उससे लग रहा था कि यह अच्छे रिश्ते मोदी की विदेश नीति की सफलता मानी जाएगी।

मगर अब अनुपम खेर को वीजा के लिए मना करके पाकिस्तान ने भाजपा के सामने असहज स्थिति पैदा कर दी है। विपक्ष जानता है कि इस मुद्दे पर सरकार को बैकफुट पर लिया जा सकता है। लिहाजा विपक्ष ने सवाल खड़ा करने शुरू किए हैं कि जब हमारे प्रधानमंत्री सब कुछ ताक पर रखकर जब पाकिस्तान जा सकते हैं तो फिर पाकिस्तान को भी इन रिश्तों को कुछ तो ध्यान रखा जाना चाहिए था।

यह मोदी की विदेश नीति की विफलता है: दीपक
समाजवादी पार्टी बौद्धिक सभा के अध्यक्ष एवं इंटरनेशनल सोशलिस्ट कोंसिल के सचिव दीपक मिश्रा का कहना है कि यह प्रधानमंत्री की विदेश नीति की असफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अनुपम खेर ने जो बोया था वहीं काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुपम खेर ने असहिष्णुता के मुद्दे पर जिस तरह देश के साहित्यकारों के खिलाफ लामबंदी की। उससे उनका यह विरोध तो होना ही था, जो साहित्यकारों के खिलाफ ही काम करेगा उसका साहित्य सम्मेलन में क्या काम।

मोदी के जरिए शरीफ से करें बात: सुरेन्द्र
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र सिंह राजपूत ने कहा है कि जब प्रधानमंत्री मोदी के भक्तों को ही वीजा नहीं मिला, तब उन्हें मोदी जी के जरिए ही नवाज शरीफ से संपर्क साधना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अनुपम खेर अब कलाकार नहीं रह गए हैं। उन्होंने कहा कि 2010 में अनुपम खेर ने ही ट्वीट करके कहा था कि पुरस्कार चमचों को मिलते हैं कलाकारों को नहीं। जाहिर है अब अनुपम खेर कलाकार नहीं रह गए। अच्छा हो वह अपनी वेदना प्रधानमंत्री मोदी को बताएं जो नवाज शरीफ को हैप्पी बर्थ डे कहने पाकिस्तान तक गए थे।

दुखद है पाक का यह रवैया: आईपी सिंह
भाजपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने कहा है कि अनुपम खेर को पाकिस्तान का वीजा न दिया जाना बेहद दुख की बात है। उन्होंने कहा कि अनुपम खेर कश्मीरी ब्राह्मïण हैं और कश्मीरी ब्राह्मïणों की हितों की लगातार बात करते रहते हैं। असहनशीलता जैसे मुद्दे पर उन्होंने देश के सामने सच लाया था। एक ओर जब पाकिस्तान के गुलाम अली जैसे गायक यूपी और देश के कई हिस्सों में लगातार अपने कार्यक्रम कर रहे हैं तो दूसरी ओर देश के जाने-माने कलाकार अनुपम खेर को पाकिस्तान का वीजा न दिया जाना बेहद दुखद है। मैं इसकी निंदा करता हूं।

समाजवादी पार्टी के 31 रूरुष्ट प्रत्याशियों की सूची जारी

सीएम अखिलेश के करीबी सुनील साजन, आनन्द भदौरिया और उदयवीर को भी मिला टिकट

लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 31 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में सीएम अखिलेश यादव की करीबियों को ज्यादा जगह मिली है।
सूची इस प्रकार है। मथुरा-एटा-मैनपुरी ठाकुर उदयवीर सिंह, मेरठ-गाजियाबाद से राकेश यादव, बुलंदशहर से नरेंद्र सिंह भाटी, मुरादाबाद-बिजनौर से परवेज अली, लखनऊ-उन्नाव से सुनील सिंह यादव, सीतापुर से आनंद भदौरिया, लखीमपुर खीरी से शशांक यादव, बदायूं से बनवारी सिंह यादव, पीलीभीत से अजय यादव, प्रतापगढ़ से गोपालजी, सुल्तानपुर शैलेंद्र प्रताप, बाराबंकी से राजेश यादव, बहराइच से मो. इमलाख, गोंडा से महफूज खां, फैजाबाद से हीरालाल यादव, बस्ती से ब्रज किशोर, गोरखपुर से जयप्रकाश यादव, देवरिया से रामअवध यादव,आजमगढ़ से राकेश यादव, जौनपुर लल्लन प्रसाद यादव, वाराणसी अमीर चंद्र पटेल, बांदा-हमीरपुर रमेश मिश्रा, पूर्व शिक्षा निदेशक वासुदेव यादव को इलाहाबाद से टिकट, कानपुर कल्लू यादव, इटावा पदमराज पम्मी, आगरा से दिलीप यादव, एटा-मथुरा-मैनपुरी से अरविंद यादव, अलीगढ़ से ओमवती यादव, मुजफ्फरनगर से मुकेश चौधरी, झांसी से रमा निरंजन, हरदोई से मिसवाहुद्दीन को टिकट।

4पीएम ने छापा तो फंस गए धमकी देने वाले मंत्री

पर्यटन मंत्री की धमकी को सबसे पहले छापा था 4पीएम ने

लखनऊ । मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जहां यूपी में पर्यटन को लेकर गंभीर हैं, वहीं पर पर्यटन मंत्री सरकार की बदनामी करवा रहे हैं। पर्यटन मंत्री ने गाजीपुर के ब्लाक प्रमुख चुनाव में बीडीसी मेंबर को वोट न देने पर फोन पर जेल तक भेजने की धमकी दे दी। इसका ऑडियो मीडिया में आने पर उन्होंने वोट मांगने की दलील दी थी। इसको लेकर 4पीएम दैनिक सांध्य ने सबसे पहले खबर छापी थी। इसे चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने और जांच के आदेश दे दिए हैं।
बीडीसी के मेंबर को धमकाने के मामले में यूपी सरकार के पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह की मुश्किलें बढ़ती ही दिख रही हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने गृह सचिव को आदेश दिया है कि वह मंत्री के खिलाफ चार फरवरी तक जांच कर एफआईआर दर्ज करें। यदि मामले में ओम प्रकाश सिंह दोषी पाए जाते हैं तो उनका मंत्री पद भी जा सकता है और उनके ऊपर कोर्ट सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगा सकता है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले अपने समर्थित प्रत्याशी को ब्लाक प्रमुख का चुनाव जिताने के लिए मंत्री का बीडीसी को धमकाते हुए ऑडियो सामने आया था। ऑडियो में वह एक बीडीसी को अपने समर्थित प्रत्याशी के लिए वोट न करने पर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। ऑडियो सामने आने के बाद 4पीएम ने सबसे पहले इसे प्रमुखता से छापा था। इतना ही नहीं ऑडियो के साथ पूरी खबर भी प्रकाशित की गयी थी, जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने मामले को संज्ञान में लिया और पर्यटन मंत्री के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। इस मामलें में यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सतीश अग्रवाल ने गाजीपुर के डीएम और एसपी को फटकार भी लगाया है।

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