पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने की जरूरत

संसद में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की हरकतों और सरकार की नीतियों को लेकर जो बयान दिया, उसका सभी दलों ने खुलकर एक साथ समर्थन किया। ऐसे में सरकार को पाकिस्तान की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है। भारत सरकार को कश्मीर के संवेदनशील मसले को सुलझाने के लिए आतंकवादियों की मजबूत कड़ी को तोडऩा होगा।

sanjay sharma editor5भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दा बहुत पुराना है। इसके पीछे अनगिनत जवान शहीद हो गये और अब भी जवानों से शहीद होने का सिलसिला जारी है। इस मसले पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी समझौते की कोशिशें अनेकों बार की गई लेकिन सारी कोशिशें नाकाम साबित हुईं हैं। पाकिस्तान की हरकतें कश्मीर को लेकर बढ़ती ही जा रही हैं। इस संबंध में भारत की ओर से अब कड़ा रुख अख्तियार करने की जरूरत है लेकिन सरकार ऐसा करने की बजाय उदारवादी रवैया अपनाने में व्यस्त है। अब तो हद ही हो गई है, क्योंकि कश्मीर में मारे गये आतंकवादी के समर्थन में पाकिस्तान अपने देश में रेलगाड़ी पर बुरहान के पोस्टर लगाकर उसे शहीद बताने लगा है। पाकिस्तान की इस हरकत के बाद अगर यह कहा जाये कि कश्मीर घाटी में अलगाववादियों से प्रेरित लोग अब वहां और उपद्रव करेंगे, तो गलत नहीं होगा। इस मामले पर भारत अगर पाक को कड़ा जवाब नहीं देता है, तो इसके गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं।
हाल ही में कश्मीर घाटी में हुए उपद्रव और हमलों में 50 लोगों से अधिक लोग मारे गये। इसमें मारे भारतीय जवान और आम लोग भी शामिल थे। इसी वजह से अमरनाथ यात्रा को बीच में रोकना पड़ा। इसके बाद देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह को सार्क सम्मेलन में सम्मिलित होने से रोकने के लिए आतंकवादी हाफिज सईद और सलाहुद्दीन ने खुलेआम धमकियां दीं। इसके बावजूद गृहमंत्री पाकिस्तान गये। वहां सार्क सम्मेलन में अपनी बात भी रखी लेकिन सार्क सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान सरकार का रवैया बेहद ही आपत्तिजनक था। उसने राजनाथ सिंह के भाषण को प्रसारित करने और मीडिया को सम्मेलन की कवरेज करने से रोक दिया। इसका मकसद साफ था कि राजनाथ सिंह का संदेश आम जनता तक न पहुंचे। आखिरकार राजनाथ सिंह तय समय से पहले भारत लौट आये। संसद में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की हरकतों और सरकार की नीतियों को लेकर जो बयान दिया, उसका सभी दलों ने खुलकर एक साथ समर्थन किया। ऐसे में सरकार को पाकिस्तान की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है।
भारत सरकार को कश्मीर के संवेदनशील मसले को सुलझाने के लिए आतंकवादियों की मजबूत कड़ी को तोडऩा होगा। उसे कश्मीर के युवाओं में आतंकवादियों की तरफ से फैलाये जा रहे भ्रम को दूर करना होगा। जो लोग कश्मीर के लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी। इसके साथ ही कश्मीरियों को सुरक्षा और विकास करने का विश्वास दिलाना होगा। इसके साथ ही खुलेआम चुनौती देने वाले आतंकियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देना होगा। ऐसा करके ही हम कश्मीर मसले का हल निकालने की उम्मीद कर सकते हैं।

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