पहले घर, फिर दफ्तर अब क्या पार्टी अलग बनायेंगे अखिलेश!

  • माफिया मुख्तार जैसे लोगों के साथ किसी कीमत पर नहीं रहना चाहते अखिलेश
  • साफ-साफ संकेत दिया सीएम ने अगर अपराधी छवि के लोग रहे पार्टी में तो वह करेंगे नया फैसला

 संजय शर्मा
captureलखनऊ। समाजवादी पार्टी अपनी स्थापना के बाद से अब तक के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। पार्टी के स्टार अखिलेश यादव ने परिवार में साफ-साफ कह दिया है कि वह किसी भी कीमत पर माफियाओं और अपराधियों के साथ खड़े नहीं हो सकते। सीएम के तेवर अब नई बगावत का संदेश दे रहे हैं। पार्टी में आए अपराधियों को अगर बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया तो जल्दी ही अखिलेश अपनी नई मंजिल चुन सकते हैं।
अखिलेश की पूरी नौजवान टीम जानती है कि सपा की जान सिर्फ अखिलेश हैं। खुद सीएम भी जानते हैं कि अगर उन्होंने अपराधियों के साथ जरा भी समझौता किया तो उनका पूरा राजनैतिक जीवन तबाह हो जायेगा। पूरे देश में अखिलेश की पहचान एक सकारात्मक सोच वाले ऐसे नेता के रूप में बन रही है, जो विकास करना चाहता है। अखिलेश खुद जानते हैं कि उनकी यह छवि भविष्य में उन्हें देश का बड़ा नेता बनायेगी। लिहाजा वह विधानसभा चुनावों में कुछ सीटों के लालच में अपनी छवि खराब करने को तैयार नहीं है।
पिछले दिनों अखिलेश यादव ने अपने पिता का घर छोडक़र अपना नया घर बनाया और कल नए दफ्तर के रूप में जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में गए जहां उनके वह सभी साथी मौजूद थे, जिन्हें पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जाहिर है अब अखिलेश अपने जीवन का सबसे बड़ा फैसला लेने को तैयार हैं।

टीपू के बगावती तेवरों पर देश भर में चर्चा

अखिलेश यादव के बगावती तेवरों पर न सिर्फ सपा में बल्कि पूरे देश में चर्चा हो रही है। दिल्ली के राजनैतिक गलियारों में जमकर कानाफूसी हो रही है कि अखिलेश यादव भाजपा का सीएम चेहरा हो सकते हैं और मुलायम सिंह को राष्टपति बनाया जा सकता है। ऐसा करके पीएम मोदी गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी किनारे कर देंगे और कल्याण सिंह के बाद अब भाजपा को एक बड़ा पिछड़ी जाति का नेता मिल जायेगा। कुछ लोग चर्चा कर रहे हैं कि अखिलेश नई पार्टी बनाकर चुनाव लड़ेंगे और जब पुरानी सपा में अपराधियों का बोलबाला होगा तो लोग अखिलेश के समर्थन में आयेंगे। इन लोगों का यह भी मानना है कि अलग पार्टी बनाने से नौजवान और आम आदमी दुगने समर्थन से अखिलेश के साथ खड़े होंगे। हालांकि इन चर्चाओं का कोई आधार नहीं है, मगर जिस तरह से सपा में घमासान चल रहा है उसके लिहाज से हर आदमी अपने हिसाब से नई कहानी बनाने में जुटा है।

Pin It