पहली बरसात में ही खुली फ्लाईओवर निर्माण के गुणवत्ता की पोल

  • पॉलिटेक्निक चौराहे के ऊपर से गुजरने वाले फ्लाईओवर की स्लैब धंसी
  • इंजीनियरों के मुताबिक पुल की मरम्मत होने में लगेगा 25-30 दिन का समय

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणïवत्ता की पोल पहली बरसात ने खोल कर रख दी। शहर की सडक़ों के धंसने का सिलसिला थमा भी नहीं था कि फैजाबाद रोड पर पॉलिटेक्निक चौराहे के ऊपर से गुजरने वाले फ्लाईओवर की स्लैब बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे धंस गई। इससे पुल पर करीब तीन फुट चौड़ा गड्ढा हो गया। इस वजह से सारा ट्रैफिक रुक गया और पॉलिटेक्निक चौराहे पर बुरी तरह जाम लग गया। यह जाम भिटौली मोड़ से बाराबंकी जाने वाले रोड पर करीब 10-15 किमी. तक लगा हुआ था। देर रात तक सैंकड़ों वाहन इसमें फंसे हुए थे। इंजीनियरों के मुताबिक पुल की मरम्मत में 25-30 दिन का समय लग सकता है। इसलिए पुल पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। इस रास्ते से आने-जाने वाली गाडिय़ों के रूट में भी परिवर्तन किया गया है।
चिनहट से मुंशीपुलिया की ओर जाने वाली लेन पर हुए इस गड्ढे की सूचना वहां से गुजर रहे ट्रक चालकों ने ट्रैफिक पुलिस को दी। पुलिस ने पुल के छोर पर बैरियर लगाकर चिनहट की तरफ से आ रहे यातायात को रोक दिया। यह सूचना मिलते ही राजमार्ग प्राधिकरण, सेतु निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गये। वहां करीब दो घंटे की पड़ताल के बाद सेतु निगम के इंजीनियरों को तलब किया गया। इसके बावजूद पुल धंसने का ठीक-ठीक समय पता नहीं चल पाया। जबकि ट्रक चालकों की सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद तक तमाम लोग फर्राटा भरते हुए वाहनों से गुजर रहे थे। गनीमत रही कि किसी गाड़ी का पहिया गड्ढे में नहीं पड़ा। वरना बड़ा हादसा भी हो सकता था। फिलहाल जिलाधिकारी राजशेखर ने मामले को गंभीरता से लेकर फ्लाईओवर धंसने के मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें राजमार्ग प्राधिकरण, सेतु निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त टीम जांच करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। लेकिन पुल की मरम्मत होने तक फ्लाईओवर से गुजरने वाली गाडिय़ों का रूट बदल दिया गया है।

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