‘पर्वतीय क्षेत्र का इतिहास रहा है गौरवशाली’

राज्यपाल राम नाईक ने उत्तराखण्ड महोत्सव का किया उद्घाटन

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राज्यपाल राम नाईक ने कहा पर्वतीय क्षेत्र का गौरवशाली इतिहास रहा है। उत्तराखण्ड को अनेक नामों से पुकारा जाता है। इस भूमि को देवभूमि, स्वर्गभूमि, वीरभूमि आदि नामों से सम्बोधित किया जाता है। उत्तराखण्ड के लगभग हर परिवार से एक व्यक्ति भारतीय सेना में अपनी सेवायें दे रहा है। योग एवं आयुर्वेद की जानकारी उत्तराखण्ड में आसानी से मिलती है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में रहकर भी उत्तराखण्ड से जुड़ाव प्रसन्नता की बात है।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक गोमती नदी तट पर स्थित गोविन्द बल्लभ पंत उपवन में उत्तराखण्ड महापरिषद द्वारा आयोजित ‘उत्तराखण्ड महोत्सव’ के उद्घाटन के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि उत्तराखण्ड परिषद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पर्यावरण, शिक्षा, सामाजिक कुरीतियों जैसे अन्य सामाजिक कार्यों में बढ़-चढक़र भागीदारी कर रहा है। सामाजिक काम में हाथ बटाना देशभक्ति के कार्य जैसा है। देश में विभिन्न भाषा और कलाओं को देखकर भारत की संस्कृति एवं महत्ता समझ में आती है। हर क्षेत्र की अपनी पहचान और विशेषता होती है। दिल्ली देश की राजनैतिक राजधानी है, मुंबई आर्थिक राजधानी है, बनारस सांस्कृतिक राजधानी है। उन्होंने कहा कि ठीक उसी प्रकार लखनऊ कला की राजधानी है। इस अवसर पर उत्तराखण्ड महापरिषद के अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने राज्यपाल को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में हरीश चन्द्र पंत महासचिव उत्तराखण्ड महापरिषद सहित अन्य पदाधिकारीगण व लखनऊ में रहने वाले उत्तराखण्ड के मूल निवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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