परिसर चमकेगा करोड़ों रुपये से मगर शिक्षा का स्तर सुधारने की फिक्र नहीं

विवि को ‘ए’ ग्रेड दिलाने का हो रहा प्रयास लेकिन 25 हजार छात्रों को अभी तक डिग्री का इंतजार
लविवि के सुंदरीकरण व जिम, वाई-फाई समेत अन्य व्यवस्थाओं के लिये 20 करोड़ खर्च करने का बना प्लान
खेल किट के लिये 1 करोड़ व प्ले ग्राउंड के लिये प्रस्तावित किये गये 50 लाख रुपये

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एलयू को ‘ए’ गे्रड दिलाने के लिए 20 करोड़ रुपये से विवि को संवारने की योजना तैयार की गई है, जिसमें नये-पुराने परिसर में छात्रों के लिए जिम, क्रिकेट किट से लेकर कैंपस को वाई-फाई युक्त बनाने तक के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके विपरीत शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कोई जतन नहीं किया जा रहा है। अभी तक छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई है जबकि सुन्दरीकरण के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता भी उतनी ही मायने रखती है।
विवि में छात्रों की मूलभूत आवश्यकताओं को ही नजर अंदाज किया जा रहा है। छात्रों को अपनी बेसिक जरूरत की पूर्ति के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है, लेकिन इन समस्याओं को विवि प्रशासन सुधारने की जरूरत नहीं समझता। छात्रों की परेशानी को दरकिनार कर विवि ए-गे्रड पाने के लिए करोड़ों खर्च कर रहा है। छात्रों की मानें तो विवि में अनियमितताओं की कमी नहीं है। क्लास पूरी होती नहीं और परीक्षाएं आ जाती हैं। आलम यह है कि सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए छात्रों को प्रवेश पत्र पहले से देने के बजाय परीक्षा वाले दिन दिया गया। कुछ विभाग ऐसे थे जिसमें छात्रों को परीक्षा कक्ष में कॉपियों के साथ ही प्रवेश पत्र बांटा गया है। जिसका असर कई छात्रों की परीक्षा पर भी पड़ा। वहीं विवि में शिक्षकों और कर्मचारियों के अभाव में पठन-पाठन प्रभाावित हो रहा है।

25 हजार छात्रों को अभी भी है डिग्री का इंतजार
वर्ष 2013-14 में उत्तीर्ण छात्रों को अभी तक डिग्री नहीं मिली है। इन छात्रों का कहना है कि हर जगह हम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए हम लोगों को विवि का चक्कर लगाना पड़ता है। हम लोगों को पास किए हुए इतना समय हो गया है लेकिन विवि प्रशासन डिग्री के लिये केवल आश्वासन ही दे रहा है।

कायाकल्प के लिये कई योजनाएं
विवि में छात्रों के लिए जिम बनाने से लेकर अन्य कई योजनाएं तैयार की गई हैं, जिसमें नए कैंपस में एक करोड़ रुपये से छात्राओं के पांच गल्र्स हास्टल, 50 लाख रुपये की लागत से एक्सरसाइज करने का सामान खरीदा जा रहा है। वहीं विवि ने खेल किट देने के लिए एक करोड़ रुपए व 50 लाख रुपये प्ले ग्रांउड का रेनोवेशन के लिए प्रस्तावित है।

विवि परिसर में वाई-फाई के साथ डिजिटल लाइब्रेरी पर भी हो रहा खर्च

विवि परिसर को लम्बे समय से वाई-फाई जोन बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसके लिए विवि परिसर में वाई-फाई व लाइब्रेरी में नई किताबों के लिए ढाई करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कई व्यवस्थाओं पर पैसे खर्च करने की योजना तैयार की जा चुकी है, जिससे विवि को नैक मूल्यांकन से ए ग्रेड दिलाया जा सके। जहां एक ओर विवि प्रशासन नैक मूल्यांकन के लिए इतनी तैयारी कर रहा है तो वहीं छात्रों की बेसिक आवश्यकता व शिक्षा की गुणवत्ता और अव्यवस्था को पूरी तहर नजर अंदाज कर रहा है। ऐसी स्थिति में अगर ‘ए’ ग्रेड मिल भी जाता है तो शिक्षा का स्तर नहीं सुधर पाएगा।

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