पब्लिक ट्रांसपोर्ट की समस्या

वृंदावन योजना, वसंतकुंज, समाजवादी आवास योजना, अवध विहार योजना समेत अन्य कई योजनाओं में बन रहे या बन चुके सैकड़ों फ्लैट ऐसी जगहों पर हैं, जहां पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं है। यहां पहुंचने के लिए व्यक्ति को रिजर्व आटो या रिक् शा करना पड़ता है।

sanjay sharma editor5राजधानी में आवास विकास परिषद और एलडीए की तरफ से तमाम आवासीय योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत हजारों लोगों ने लाखों रुपये खर्च करके फ्लैट बुक करवाये हैं। जो आवासीय योजनाएं पूरी हो चुकी है। जिन फ्लैटों में लोग रहने लगे हैं। उनके सामने आवासीय योजना तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का साधन न उपलब्ध होने की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए कालोनी के लोगों की तरफ से प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों से अपील भी की जा चुकी है लेकिन उसका कोई लाभ होता नहीं दिख रहा है।
वृंदावन योजना, वसंतकुंज, समाजवादी आवास योजना, अवध विहार योजना समेत अन्य कई योजनाओं में बन रहे या बन चुके सैकड़ों फ्लैट ऐसी जगहों पर हैं, जहां पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं है। यहां पहुंचने के लिए व्यक्ति को रिजर्व आटो या रिक् शा करना पड़ता है। बहुत से लोगों को पैदल भी चलना पड़ता है। जिन लोगों के पास अपना निजी वाहन है, उनके लिए भी ट्रांसपोर्टेशन की समस्या है लेकिन उतनी नहीं, जितनी अन्य लोगों को होती है। पारा क्षेत्र में आवास विकास की तरफ से समाजवादी आवास योजना के तहत सैकड़ों फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इस योजना का बहुत जल्द शुभारंभ किया जाना है। इस क्षेत्र में सिटी बसों का संचालन होता है लेकिन शाम ढलने के साथ ही आवागमन के साधन मिलना बंद हो जाता है। इसी प्रकार की समस्या मोहनलालगंज, सुल्तानपुर रोड, हरदोई रोड, सीतापुर रोड, रिंग रोड और देवा रोड और गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में बनी आवासीय योजनाओं और कालोनियों में रहने वाले लोगों की भी है। इन क्षेत्रों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की समस्या है। यह समस्या आवास विकास परिषद और लखनऊ विकास प्राधिकरण की कालोनियों के साथ ही हाईवे पर तेजी से विकसित हो रही प्राइवेट कालोनियों में रहने वाले लोगों की भी है। इन कालोनियों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था बेहतर करने को लेकर दर्जनों बार परिवहन विभाग, आवास विकास, नगर निगम, एलडीए और प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठकें हुई। नई कालोनियों तक सिटी बसों का संचालन सुनिश्चित करने और बसों का स्टॉपेज बनाने की योजनाएं बनीं लेकिन हकीकत में कुछ भी नहीं हुआ। इसलिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने की समस्या जस की तस बनी हुई है।
जिले में कोई भी आवासीय कालोनी बनाने के साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था का भी प्रबंध करना होगा। हाईवे से सटे शहर के बाहरी इलाकों में प्राइवेट कालोनी डेवलप करने और फ्लैट बनाकर बेचते समय लोगों को हर तरह की सुविधा दिलाने का वादा करने वालों के खिलाफ भी ऐक्शन लेना होगा। सभी संबंधित विभागों को मिलकर जनता के आवागमन संबंधी साधन उपलब्ध कराने का प्रयास करना होगा, तभी लोगों को राहत मिलेगी।

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