पटाखा दुकानदारों को नियमावली का पालन करना जरूरी

  • टीन शेड की दुकानों में करानी होगी फायरप्रूफ वायङ्क्षरग

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विस्फोटक नियमावली-2008 के नियमों का पालन करने वालों को ही पटाखा की अस्थायी दुकानेें लगाने की अनुमति दी जायेगी। जो नियमों के पालन में लापरवाही बरतेगा, उसको दुकान लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
जिलाधिकारी राजशेखर ने पटाखों की अस्थायी दुकानों को रस्तोगी इंटर कालेज में लगाने की अनुमति दे दी है। लेकिन विस्फोटक नियमावली का पालन करने वालों को ही दुकान लगाने की अनुमति मिलेगी। अपर जिलाधिकारी जयशंकर दूबे ने बताया कि प्रस्तावित आतिशबाजी विक्रय स्थल पर जो भी अस्थाई दुकानें बनाई जायेंगी वह लोहे की ऐंगिल व टीन शेड की होंगी। इसके अलावा दुकानों में विद्युत वायरिंग फ ायर प्रूफ तारों से की जायेगी। प्रत्येक दुकान की विद्युत वायरिंग को विद्युत सुरक्षा निदेशालय से चेक कराने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। दुकान के मध्य छोड़े गये तीन मीटर खाली स्थान में किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री का भण्डारन नहीं किया जायेगा। विक्रय स्थल पर कम से कम 6 अदद फ ायर एक्सटिंग्यूसर रखा जायेगा। इसके अलावा 8 बोरी बालू व 200 लीटर पानी युक्त ड्रम को हर दुकानदार को दुकान के सामने रखना होगा। अस्थाई आतिशबाजी स्थल से 50 मीटर की दूरी से ही सभी वाहनों का प्रवेश प्रतिबन्धित रहेगा। वाहनों को पार्किंग में ही खड़ा किय जायेगा। आतिशबाजी की दुकानों पर बच्चों महिला व बुर्जग व्यक्तियों से आतिशबाजी के सामान की खरीदारी नहीं करवाने का निर्देश दिया गया है। पटाखा की दुकानें प्रात: 6 बजे से पूर्व एवं रात्रि 10 बजे के बाद नहीं खुलेंगी। प्रत्येक दुकानदार को अपनी अलग-अलग अग्निशमन व्यवस्था लाइसेन्स की शर्तो के अनुसार रखनी होगी। लाइसेन्स में दी गयी समस्त शर्तो का पालन करना अनिवार्य होगा। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित विक्रय स्थल के लिए अनुमति इस शर्त के साथ दी जाती है कि वह अनुमति की अवधि में अपनी दुकान का स्थान परिवर्तन अनिवार्य रूप से आबादी से 200 मीटर दूर सुरक्षित स्थल पर करना सुनिश्चित करेंगे।

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