पंद्रह दिन तक दर्द से तड़प-तड़प कर मौत हो गयी एक एसपी की, डीजीपी को फुरसत नहीं मिली मरने के बाद भी उसे देखने की

  • एसपी की मौत पर दु:ख बांटना भी मुनासिब नहीं समझा
  • तमाम अधिकारियों ने एसपी के घर पहुंचकर दी सांत्वना

 आमिर अब्बास
5लखनऊ। राजधानी में सीबीसीआईडी के एसपी सुरेंद्र कुमार वर्मा के आकस्मिक निधन से उनके परिवार में मातम छाया हुआ है। पुलिस विभाग के जिन लोगों ने उनके साथ काम किया है, उन्हें भी एसपी की मौत का गम है। लेकिन प्रदेश पुलिस के मुखिया जावीद अहमद को अपने विभाग के एसपी की मौत से शायद कोई फर्क नहीं पड़ा। इसी वजह से उन्होंने एसपी से परिजनों से मिलने और सांत्वना देना जरूरी नहीं समझा। बल्कि विभागीय मीटिंग और अन्य कामों में मशगूल रहे। महज खानापूर्ति करने के लिए अपनी जगह आईजी रैंक के एक आईपीएस अधिकारी को मृतक के घर भेजकर रस्म अदायगी कर दी। जबकि ऐसे मौकों पर पुलिस के मुखिया को स्वयं एसपी के घर जाना चाहिए था। उनके परिजनों का दु:ख बांटना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
लखनऊ में सीबीसीआईडी में एसपी के पद पर लंबे समय से तैनात रहे सुरेंद्र कुमार वर्मा का आकस्मिक निधन प्रदेश की पुलिस के लिए शोक का सबब बना हुआ है। सुरेंद्र 2003 बैच के आईएएस अफसर थे। जो गोमतीनगर क्षेत्र के विनीतखंड पांच में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा पार्थ (22) हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एसपी मूलरूप से बरहजवा थाना जलालपुर अंबेडकर नगर निवासी थे। उन्हें काफी समय से ओरल कैंसर की समस्या थी, जिसका वेदांता हॉस्पिटल में भी इलाज हो चुका था। वहां चिकित्सकों ने कीमो थेरेपी के लिए श्री वर्मा को करीब डेढ़ माह तक अस्पताल में रखा था। जिस समय उनकी मौत हुई, वह 15 दिनों से केजीएमयू में भर्ती थे लेकिन इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। सीबीसीआईडी के मिलनसार अफसरों में शुमार सुरेन्द्र कुमार वर्मा के मौत की सूचना पर विभाग के सभी अधिकारी उनके घर पहुंचे लेकिन डीजीपी ने मृतक एसपी के घर जाना भी मुनासिब नहीं समझा। प्रदेश के सेनापति कहे जाने वाले डीजीपी जावीद अहमद ने ऐसा करके अपने पद की गरिमा और मानवता को तो शर्मसार किया ही है साथ ही उनकी इस कार्यशैली से पुलिस वालों का संबल भी कम हुआ है।
ऐस में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को समझ जाना चाहिए कि सूबे में अहम पदों पर तैनात अफसरान किस तरह सरकार की मंशा पानी फेरने का काम कर रहे हैं। जबकि सीबीसीआईडी एसपी सुरेंद्र कुमार वर्मा की मौत पर सभी अधिकारियों ने उनके आवास पर पहुचकर मृतक के परिवार को संात्वना दी। मौके पर पहुंचे पूर्व डीआईजी डीके चौधरी, डीजी डीएस चौहान, एसपी रामपाल (सीबीसीआईडी), डीजी अलोक प्रसाद , आईपीएस मुकुल गोयल, प्रकाश दीप आईजी एडमिन, आईएएस संजय सिंह, एडीजी दलजीत सिंह चौधरी व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और एसपी के परिजनों का दु:ख बांटा। जबकि डीजीपी जावीद अहमद सिर्फ और सिर्फ अपने कामों में व्यस्त रहे। उन्हें मृतक पुलिस कर्मी के परिजनों से मिलने की फुरसत नहीं मिली। इस तरह के बरताव से एक बात पूरी तरह साफ हो गयी है कि जो डीजीपी अपने विभाग के अधिकारी को लेकर गम्भीर नहीं हंै, वो आम जनता के प्रति कितने गम्भीर हो सकते है।

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