पंचायत चुनाव में हिंसा की आशंका से अफसरों के छूटे पसीने

राज्य निर्वाचन आयुक्त सतीश अग्रवाल ने वाराणसी में की चुनावी तैयारियों की समीक्षा
आज से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदेश भर में प्रधान पद के नामांकन शुरू

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Y1लखनऊ । उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्ण ढंग से और हिंसा मुक्त प्रधानी का चुनाव सम्पन्न कराना निर्वाचन आयोग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह केन्द्र सरकार की तरफ से केन्द्रीय सुरक्षा बलों को देने से इंकार करना, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत चुनाव में हो चुकी व्यापक हिंसा और प्रधानी के चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने से पूर्व ही प्रदेश के कई जिलों में प्रधान पद के उम्मीदवारों के खिलाफ हिंसक वारदातों को माना जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयुक्त के माथे पर चिन्ता की लकीरें दिखने लगी हैं। इसलिए काशी नगरी में राज्य निर्वाचन आयुक्त सतीश अग्रवाल ने पुलिस और प्रशासनिक महकमे के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की और चुनाव के दौरान हिंसा और धांधली करने वालों से कड़ाई से निपटने का निर्णय लिया।
प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न हुए जिला और क्षेत्र पंचायत पदों पर मतदान के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में खूनी संघर्ष की वारदातें सामने आई थीं। इसमें सत्ता पक्ष से जुड़े कई बड़े नेताओं और उनके रिश्तेदारों पर चुनाव के दौरान बूथों पर कब्जा करने, अधिकारियों को डराने-धमकाने, वोटरों के साथ मारपीट करने और आचार संहिता का खुलेआम मजाक बनाने का भी मामला सामने आया था। प्रदेश में कई पोलिंग बूथों और गांवों में प्रत्याशी समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष भी हुआ। गोली-बारी की घटना में कई लोग घायल भी हो गये थे। इसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही निर्वाचन आयोग की भी खूब किरकिरी हुई थी, जिसको गंभीरता से लेकर आयोग ने कई जगहों का चुनाव निरस्त कर दोबारा चुनाव करवाया था। ऐसे में प्रधानी के चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना निर्वाचन आयोग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश में प्रधानी का चुनाव चार चरणों में होगा। इसमें प्रथम चरण के अंतर्गत नामांकन की प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है, गौतमबुद्ध नगर को छोडक़र पूरे प्रदेश में होने वाले इस चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग और प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। अपर निर्वाचन आयुक्त जय प्रकाश सिंह ने बताया कि पहले चरण में 74 जिलों के 222 ब्लॉक में चुनाव होने हैं। इसके लिए 16-17 नवंबर के बीच प्रत्याशी नामांकन कर सकते हैं। नामांकन की प्रक्रिया को सकुशल सम्पन्न कराने के मकसद से नामांकन कक्ष के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस दौरान नामांकन करने वाले लोगों को भारी जुलूस के साथ रैली आदि निकालने पर मनाही है। दरअसल पूर्व में क्षेत्र और जिला पंचायत चुनाव में नामांकन के दौरान हुई हिंसा से सबक लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एडीजी कानून व्यवस्था के मुताबिक प्रत्येक नामांकन केंद्र पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ आवश्यकतानुसार पीएसी के जवान भी तैनात रहेंगे। इन्हें चुनाव में हंगामा करने वाले लोगों के साथ कड़ाई से निपटने का आदेश दे दिया गया है। पंचायत चुनाव के पहले चरण में 16-17 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किया जायेगा। 18 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जायेगी। इसके बाद 20 नवंबर को प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसी तिथि में योग्य प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी बांटा जायेगा। पहले चरण में होने वाले चुनाव में 28 नवंबर को मतदान होगा। इस बार मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम साढ़े चार बजे तक चलेगठे

सांसद यूपी के और चिंता राजस्थान की

मूलत: राजस्थान के रहने वाले हैं सांसद महेश शर्मा
जेवर में बनने वाला एयरपोर्ट अब बनेगा भिवाड़ी में

लखनऊ। यूं तो केन्द्रीय नागरिक उड्डïयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेश शर्मा नोएडा के सांसद है लेकिन उन्हें यहां के विकास की चिंता नहीं है। उन्हें अपने गृह राज्य राजस्थान के विकास की ज्यादा चिंता है। इसीलिए वह अपने संसदीय क्षेत्र के प्रोजेक्ट को अपने गृह राज्य राजस्थान ले जाने की पुरजोर कोशिश में लगे हुए हैं। जी हां, ग्रेटर नोएडा में बनने वाला जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब भिवाड़ी राजस्थान में बनेगा, जबकि जेवर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी पूरा हो गया था। केंद्र सरकार जेवर एयरपोर्ट का प्रस्ताव रद्द करने की तैयारी में है। अब यह एयरपोर्ट राजस्थान के भिवाड़ी में बनाने की तैयारी है। लोगों में इस बात की खुशी थी कि जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से नोएडा क्षेत्र का विकास तो होगा ही साथ ही उत्तर प्रदेश की एक पहचान भी बनेगी।
लंबे समय से चर्चा थी कि ग्रेटर नोएडा के जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा। जेवर में बनने वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रोजेक्ट लंबे समय से प्रस्तावित था। सूत्रों की मानें तो एयरपोर्ट के लिए सरकार ने भूमि अधिग्रहण का काम भी पूरा कर लिया है। इससे पहले 2010 में उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने जेवर में हवाई अड्डा बनाने के लिए एक प्रस्ताव भेजा था। फिलहाल इस प्रोजेक्ट पर ग्रहण लगता दिख रहा है। सूत्रों की मानें तो अब यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट राजस्थान के भिवाड़ी में बनेगा। दरअसल केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) महेश शर्मा मूलत: राजस्थान के रहने वाले हंै, जबकि वह नोएडा से सांसद हैं। केन्द्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी जिसे उत्तर प्रदेश ने 73 सांसद दिए कि उत्तर प्रदेश के विकास में यह सांसद अपना पूरा योगदान देंगे। जिस तरह यूपी के विकास को लेकर प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही है अगर उन्हें इन सांसदों का पूरा सहयोग मिल जाए तो यूपी की तस्वीर बदलना कोई बड़ी बात नहीं है। पर यहां तस्वीर ही पलट गई है। जिस जनता ने अपना बहुमूल्य मत देकर इन नेताओं को संसद में भेजा उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र की बजाय अपने गृह राज्यों के विकास की ज्यादा चिंता सताने लगी है। नोएडा के सांसद महेश शर्मा की ही तरह अगर अन्य सांसदों ने भी इसी प्रकार से सोचना शुरु कर दिया तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सभी क्षेत्रों के विकास के सपने को भी झटका लगना तय है।

छठ के अवसर पर कल रहेगा सार्वजनिक अवकाश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने छठ पूजा के मौके पर 17 नवम्बर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा था जिसे सोमवार को मंजूरी मिल गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसकी घोषणा की। इस अवसर पर स्कूल-कालेज बंद रहेंगे लेकिन वे ऑफिस खुले रहेंगे जहां हफ्ते में दो दिन छुट्टियां होती हैं।
छठ पर छुट्टी सिर्फ सफ्ताह में छ दिन खुलने वाले दफ्तरों में ही होगी। मालूम हो कि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। बिहार में इस मौके पर सार्वजनिक अवकाश होता है, लेकिन यूपी में अभी तक छठ पर छुट्टी नहीं होती थी।

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