पंचायत का फरमान: पे्रमी को पे्रमिका मारे पांच थप्पड़

आपत्तिजनक स्थिति में पे्रमिका के घरवालों ने पे्रमी को पकड़ा

थाने पहुंचे पुलिस ने मामले को टाल दिया तो गांव में बैठाई गई पंचायत

 4पीCaptureएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भारत देश में संविधान और कानून का डर होने के बाद भी आज भी लोग उस जमाने में जीते हैं और जीने पर मजबूर किये जाते हैं जिस जमाने को लोग सैकड़ों वर्ष पीछे छोड़ आये हैं। हर अधिकार होने के बाद भी वर्तमान समय में पे्रमी-प्रेमिकाओं को आपसी सहमति के बावजूद एक साथ नहीं रहने दिया जाता है। राजधानी के मलिहाबाद थाना क्षेत्र में उस समय एक अजीब नजारा देखने को मिला जब पुलिस के सामने पंचायत ने पे्रमी को पांच थप्पड़ मारने का फरमान सुना दिया। फरमान के बाद पे्रमिका नहीं चाहते हुये भी पंचायत के बीच पे्रमी को पांच थप्पड़ मारने पर मजबूर हो गई। थप्पड़ मारने के बाद पंचायत ने दोनों को उनके परिजनों के बीच सौंप दिया। जबकि इस घटना की जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
मलिहाबाद के ग्राम नईबस्ती धनेवा निवासी शम्भूलाल मौर्य के 18 वर्षीय पुत्र जितेंद्र का प्रेम-प्रसंग काफी पहले से पड़ोसी ग्राम मोहम्मदनगर रहमतनगर निवासी एक 25 वर्षीय युवती से चल रहा था। दोनों का प्रेम-प्रसंग इतना परवान चढ़ा कि प्रेमी आये दिन युवती के घर पर मिलने जाने लगा। बुधवार को यवुती के परिजन खेत पर गये थे। युवती घर पर अकेली थी। इसी बीच लगभग सात बजे प्रेमी जितेन्द्र अचानक अपनी पे्रमिका के घर पहुंच गया। जितेंद्र को घर में देखकर युवती की छोटी बहन ने बाहर से दरवाजे की कुंडी लगा दी।

और दौउ़ते हुये खेत पर जाकर अपने परिजनों को सूचना दी।
जानकारी मिलने पर आनन-फानन खेत से पहुंचे परिजनों ने पड़ोसियों के सहयोग से घर को चारों तरफ से घेरकर जितेंद्र और युवती को पकड़ लिया। ग्रामीण व परिजन प्रेमी व प्रेमिका को देर रात लगभग 10 बजे थाने लेकर गये। जहां पुलिस ने यह कह कर टाल दिया कि सुबह ले आना पंचायत की जायेगी। पुलिस के ऐसा कहने पर ग्रामीण और परिजन वापस अपने गांव लौट आये। और रात में ही गांव में ही पंचायत लगा दी। पंचायत ने प्रेमी के पिता को भी मौके पर बुला लिया। पंचायत के समक्ष दोनों ने चल रहे प्रेम-प्रसंग को स्वीकार करते हुये एक साथ रहने की बात कही। जहां पंचायत ने इसे नकार दिया। पंचायत के मुखिया और गांव के प्रधान अवधेश यादव ने प्रेमी जितेंद्र पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इतना ही नहीं पे्रमिका को अपने हाथों से पंचायत के सामने ही पे्रमी को पांच थप्पड़ मारने का फरमान सुना दिया। पंचायत के इस फरमान पर प्रेमी जितेंद्र व मौके पर मौजूद उसके पिता शम्भूलाल ने गरीबी की बात कहते हुये धनराशि देने में असमर्थता जताई। पंचायत ने गरीबी को ध्यान में रखते हुये जुर्माने की धनराशि माफ कर दिया लेकिन थप्पड़ की सजा बरकरार रखी। आखिरकार मजबूर होकर पे्रमिका ने पंचायत में अपने प्रेमी जितेंद्र को पांच थप्पड़ मारा। थप्पड़ मारने के बाद जितेंद्र को उसके परिजनों को यह कहते हुये सौंप दिया गया कि दूसरी बार यदि वह ऐसी गलती करेगा तो अंजाम और बुरा होगा। इसके बाद मामले का रफा-दफा हो गया।
हमें जानकारी नही: सुधाकर पांडेयइस संदर्भ में प्रभारी निरीक्षक सुधाकर पांडेय ने कहा कि उनको इस बात की जानकारी नही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कोई पंचायत नहीं हुई है।

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