न कप्तान का डर, न जनता की फिक्र

कप्तान साहब जब आपको दे रहे धोखा तो आम जनता के साथ कैसा होगा बर्ताव
अतुल सस्पैंड, शिवशंकर की तैयारी, देवेंद्र भी निशाने पर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जब दारोगा अपने कप्तान को धोखा देने से बाज नहीं आ रहे है तो जनता के साथ उनका कैसा व्यवहार होगा इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। वादी के स्थान पर किसी और को खड़ा करके कप्तान से मुलाकात कराने के मामले में एसएसपी राजेश कुमार पांडये ने शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी अतुल अग्निहोत्री को जहां सस्पैंड कर दिया वहीं दूसरी तरफ हुसैनगंज थानाध्यक्ष शिवशंकर सिंह को भी हटाने की तैयारी हो रही है। जबकि अफसरों का नाम बेंचकर वसूली बढ़ाने में माहिर गाजीपुर थानाध्यक्ष देवेंद्र दुबे भी निशाने पर है।
पुलिस कार्यालय में शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी अतुल अग्निहोत्री ने जमीन के मामले में विवेचना स्थानान्तरण करने के लिये एसएसपी राजेश कुमार पांडये के सामने फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर दिया। जहां एसएसपी ने विवेचना स्थानान्तरण करने का आदेश कर दिया। बाद में दूसरा पक्ष जब एसएसपी के यहां पहुंचा तो उन्होंने पहले पक्ष के रजा को बुलाया। दोनों के सामने आने पर अतुल अग्निहोत्री की पोल खुल गई। एसएसपी ने इस मामले की जांच एएसपी ग्रामीण मनोज सोनकर को दी। जांच रिपोर्ट में गलत पाये जाने पर एसएसपी ने अतुल को सस्पैंड कर दिया। वहीं दूसरी तरफ हुसैनगंज थानाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने तालकटोरा थाना क्षेत्र के एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया। इस मामले में तालकटोरा थानाध्यक्ष अशोक कुमार यादव की भी भूमिका सामने आई है। तालकटोरा के राजाजीपुरम ई ब्लॉक निवासी कुख्यात लुटेरे विशाल पाल उर्फ गोल्डी को हुसैनगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लेकिन मोटी रकम लेने के बाद उसे छोड़ दिया गया। इस के बाद सरोजनीनगर में कैशवैन लूट का मामला सामने आने पर तालकटोरा एसओ अशोक कुमार यादव ने हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद गोल्डी को जेल भेज दिया। एसएसपी के जांच में यह सच्चाई सामने आई है। सूत्रों का कहना है कि अब हुसैनगंज थानाध्यक्ष के खिलाफ एसएसपी की गाज गिरेगी। वहीं सूत्रों का कहना है कि अफसरों का नाम लेकर वसूली बढ़ाने का दबाव देने वाला गाजीपुर थानाध्यक्ष देवेंद्र दुबे भी अब निशाने पर है।

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