नोटबंदी को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में भारतीय जनता पार्टी

  • कई राज्यों में हुए उपचुनाव में मिली सफलता से पार्टी उत्साहित
  • स्लोगन लिखे होर्डिंग्स व पोस्टर किए जा रहे हैं तैयार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा नोटबंदी को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। इसकी प्रमुख वजह नोटबंदी के फैसले के बाद कई राज्यों में हुए उपचुनावों में पार्टी को मिली सफलता है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कमल निशान वाले पोस्टर और होर्डिंग्स तैयार कराए जा रहे हैं। पार्टी की यात्राओं में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से शामिल किया गया है और नोटबंदी को देश हित में लिया गया फैसला बताया जा रहा है। वहीं, जनसभाओं को संबोधित करने के दौरान पार्टी के वरिष्ठï नेतागण भी इसी पर फोकस कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को पांच सौ व हजार के पुराने नोटों को बंद करने का ऐलान किया था। इसी के साथ देशभर में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदले। कानून व्यवस्था, विकास, जनसमस्याओं आदि मुद्दों की जगह नोटबंदी ने ले ली। नोटबंदी को लेकर विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा पर निशाना साधा। संसद में हंगामा जारी है। विपक्ष ने इस फैसले से आम लोगों को हो रही दिक्कतों व बैंक की कतार में 80 से अधिक लोगों की मौत को लेकर भाजपा और प्रधानमंत्री को कटघरे में खड़ा कर दिया है। निर्णय को गलत साबित करने के लिए जनआंदोलन का सहारा लिया जा रहा। दूसरी ओर निर्णय को सही बताने के लिए सर्वे कराया गया। इसके आधार पर केंद्र सरकार ने दावा किया कि नोटबंदी को 85 फीसदी लोगों का समर्थन हासिल है। सोशल साइट्स पर भी नोटबंदी को लेकर समर्थन और विरोध का सिलसिला जारी है। पिछले दिनों नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस के भारत बंद की हवा निकल गई। भाजपा को अपने नोटबंदी के निर्णय को भारी जनसमर्थन हासिल होने के दावे को तब और बल मिल गया जब उसने कई उपचुनाव में सफलता हासिल कर ली। नोटबंदी के निर्णय के बाद मध्यप्रदेश में हुए उपचुनाव में भाजपा को मिली सफलता व पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में बढ़े जनाधार ने पार्टी में उत्साह बढ़ा दिया है। नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा किए गए आंदोलन भी कुछ खास जनसमर्थन नहीं हासिल कर सके। जिसने नोटबंदी वापस करने की विपक्ष की मांग को कमजोर किया है। भाजपा का मानना है कि नोटबंदी पर देश व उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा और मोदी के साथ है। लिहाजा भाजपा ने अब उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में नोटबंदी को मुद्दा बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कमल को प्रमुखता देते हुए होर्डिंग्स व बैनर बनवा रही है। जिसमें ‘न अपराध न भ्रष्टïाचार, अबकी बार भाजपा सरकार’, ‘2017 में सब कुछ जाइए भूल, प्रदेश के हर बूथ पर खिलाइए कमल का फूल’, ‘ सबके सपने हों साकार, अबकी बार भाजपा सरकार’ आदि स्लोगन लिखे हैं। वहीं ऐसी होर्डिंग्स भी लग रहीं हैं, जिसमें प्रदेश की बदहाली को दर्शाते हुए युवाओं और किसानों की पीड़ा को दिखाने का प्रयास किया गया है, जिसे राजधानी समेत सूबे के सभी जनपदों में लगवाने की तैयारी है।

जनसभाओं में नोटबंदी पर फोकस

प्रदेश के चार कोनों से निकली परिवर्तन यात्रा शुरुआती दौर में जहां प्रदेश सरकार व विपक्षी दलों के भ्रष्टïाचार, बदहाल कानून व्यवस्था, परिवारवाद, जातिवाद आदि पर केंद्रित थी वह अब नोटबंदी पर आकर टिक गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों व अन्य दिग्गज नेताओं की जनसभाओं में भी वक्ताओं के भाषण नोटबंदी से होने वाले फायदे पर केंद्रित हो गए हैं। पार्टी के सारे अभियानों पर भी नोटबंदी छा गई है। नोटबंदी को देशहित से जोड़ते हुए पार्टी लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने में किसी हद तक सफल हो रही है। पार्टी रणनीतिकारों ने भी नोटबंदी के खिलाफ हो रहे विरोध को विपक्षी दलों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। वहीं परिवर्र्तन का संदेश लेकर निकले वीडियो रथ में भी ज्यादातर नोटबंदी से होने वाले फायदे को दिखाया जा रहा है।

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