निलंबित लेखपाल के बचाव में उतरा संगठन, दोबारा जांच की मांग

डीएम के समक्ष सबूत पेश कर मामले की दोबारा जांच कराने की मांग

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बीकेटी तहसील के गोयल गांव की खतौनी में छेड़छाड़ के मामले में निलंबित लेखपाल अरुण तिवारी के समर्थन में लेखपाल संघ उतर गया है। संघ के पदाधिकारियों ने लेखपाल की बेगुनाही से संबंधित सुबूत इकट्ठा कर डीएम को सौंप दिया है। इसके साथ ही प्रकरण की दोबारा जांच कराने की मांग की है। इसको गंभीरता से लेकर डीएम ने प्रकरण की जांच एडीएम प्रशासन को सौंप दी है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की लखनऊ इकाई के जिला मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि बीकेटी में ग्राम समाज की जमीन से संबंधित कागजात में फेरबदल का मामला काफी पुराना है। इसमें जांच अधिकारी ने तथ्यों को छिपाया है। इस कारण लेखपाल संघ ने पूरे प्रकरण की जांच कर सारे सबूत इकट्ठा किए हैं, जिसे डीएम के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इसमें उक्त प्रकरण में कागजों में फेरबदल के पीछे उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार स्तर से जारी आदेशों को प्रमुख कारण बताया गया है, इसलिए जांच अधिकारी पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाकर दोबारा जांच करने की मांग की गई है। गौरतलब हो कि गोयल गांव में 47 बीघा जमीन के कागजात में फेरबदल कर 37 बीघा कर दिया गया था। इसके साथ ही 10 बीघा जमीन अन्य व्यक्ति के नाम कर दी गई थी। इस मामले की शिकायत गोयल के ग्राम प्रधान ने की थी, जिसके आधार पर एक जांच समिति का गठन किया गया। उसने कागजों में हेरफेर के लिए पांच लोगों को दोषी बताया था, जिसको गंभीरता से लेकर लेखपाल समेत पांच लोगों को निलंबित किया गया था।
इस घटना के बाद लेखपाल संघ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ एकजुट हो गया। संघ के लोगों ने तहसीलदार और उपजिलाधिकारी के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने शुरू कर दिए हैं। इसमें सबसे पहले निलंबित लेखपाल की बेगुनाही से संबंधित कागजात और तथ्य प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गई है।

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