निलंबन वापसी के बाद ही काम पर वापस लौटेंगे लेखपाल

बेकेटी तहसील में लेखपालों का कार्य बहिष्कार जारी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बीकेटी तहसील में लेखपाल अरुण मिश्रा को निलंबित करने के खिलाफ लेखपाल संघ ने प्रशासन से दो-दो हाथ करने का मन बना लिया है। इसी वजह से तहसील के लेखपाल नियमित रूप से तहसील दिवस का बहिष्कार कर रहे हैं। इसके साथ ही संगठन के पदाधिकारियों ने लेखपाल का निलंबन वापस होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष सुशील शुक्ला के मुताबिक संघ के पदाधिकारियों ने लेखपाल की बेगुनाही से संबंधित सारा सबूत इकट्ठा कर डीएम को सौंप दिया है। इसके बावजूद जांच के नाम पर मामले को लंबा खींचने का प्रयास किया जा रहा है। इससे लेखपाल संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों में काफी रोष व्याप्त है। इनका आरोप है कि बीकेटी में ग्राम समाज की जमीन से संबंधित कागजात में फेरबदल का मामला काफी पुराना है। जांच अधिकारी ने जानबूझकर तथ्यों को छिपाया है। इस कारण लेखपाल संघ प्रकरण की पारदर्शी जांच करवाने और जल्द से जल्द लेखपाल का निलंबन वापस लेने की मांग की है। इस मामले को प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसलिए लेखपाल संघ ने लेखपाल का निलंबन वापस होने के बाद ही बीकेटी तहसील में काम पर वापस लौटने का निर्णय लिया है।
गौरतलब हो कि गोयल गांव में 47 बीघा जमीन के कागजात में फेरबदल कर 37 बीघा कर दिया गया था। इसके साथ ही 10 बीघा जमीन अन्य व्यक्ति के नाम कर दी गई थी। इस मामले की शिकायत गोयल के ग्राम प्रधान ने की थी, जिसके आधार पर एक जांच समिति का गठन किया गया। उसने कागजों में हेरफेर के लिए पांच लोगों को दोषी बताया था, जिसको गंभीरता से लेकर लेखपाल समेत पांच लोगों को निलंबित किया गया था।
इस घटना के बाद लेखपाल संघ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ एकजुट हो गया। संघ के लोगों ने तहसीलदार और उपजिलाधिकारी के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने शुरू कर दिए हैं। इसमें सबसे पहले निलंबित लेखपाल की बेगुनाही से संबंधित कागजात और तथ्य प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गई है।

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