निर्वाचन ड्ïयूटी को भी गंभीरता से नहीं ले रहे अधिकारी

मतदान टोलियों से नदारद 45 अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

 4Captureपीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत निर्वाचन ड्यूटी पर लगाये गये कर्मचारी गंभीर नहीं है। इस कारण अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश के बाद भी ड्यूटी पर अनुपस्थित रहते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने ऐसे 45 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। इसके साथ ही निर्वाचन कार्य को गंभीरता से नहीं लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई बरतने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी राज शेखर ने गुरुवार को पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान अनुपस्थित अधिकारियों के मामले को गंभीरता से लिया है। इसलिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व व प्रभारी अधिकारी कार्मिक धनन्जय शुक्ला ने गाजीपुर थाने में 45 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। इसके साथ ही अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस भी भेजा गया है, जिसमें स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। गौरतलब हो कि निर्वाचन कार्य को प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। इसलिए जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्वाचन में ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें अनिवार्य रूप से निर्वाचन कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी होती है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी विशेष परिस्थिति में निर्वाचन ड्यूटी करने में असमर्थ है, तो अपनी समस्या से संबंधित अप्लीकेशन प्रभारी कार्मिक और जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजकर ड्यूटी में संसोधन करवा सकता है लेकिन बिना किसी संसोधन और परिवर्तन के ड्यूटी से नदारद होने का कार्य गंभीर अपराध माना जाता है। इसकी जानकारी निर्वाचन ड्यूटी पर लगाये गये सभी कर्मचारियों को है। इसके बावजूद अधिकारी और कर्मचारी निर्वाचन कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यह मामला अत्यंत गंभीर है क्योंकि जिला निर्वाचन अधिकारी को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चार चरणों को कुशल पूर्वक सम्पन्न कराना है। ऐसे में जिला निर्वाचन अधिकारी को लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई बरतनी होगी।

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