निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: कमिश्नर

खीरी और सीतापुर जिले के सीएमओ को लगाई गई फटकार
निर्माण एजेन्सियों को कार्य में शिथिलता बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यों को समय से पूरा नहीं करने वाले अधिकारी मण्डलायुक्त की समीक्षा बैठक में निशाने पर रहे। इसमें खीरी और सीतापुर के सीएमओ को निर्माण कार्यों को गंभीरता से नहीं लेने और शिथिलता बरतने के मामले में जमकर फटकार लगाई। इसके साथ ही सभी निर्माण एजेंसियों को निर्धारित समय में काम पूरा करने और काम में ढिलाई बरतने पर कड़ी कार्रïवाई की चेतावनी दी गई।
मंडलायुक्त महेश कुमार गुप्ता कल पूरे मूड में थे। उन्होंने लखनऊ सहित मंडल के सभी जनपदों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाओं को सुदृढ़ करने और राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात को सुगम बनाने पर मैराथन मीटिंग की। यह मीटिंग शुक्रवार सुबह 11 बजे से शुरू हुई और कुछ समयों के अन्तराल और स्थान परिवर्तन के साथ रात तक चलती रही। इस बैठक में सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की सेवाओं की समीक्षा में अपर महानिदेशक स्वास्थ्य व निर्माण एजेन्सियों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया था। मंडलायुक्त ने अपर महानिदेशक स्वास्थ्य को सभी अधूरे निर्माणों की जानकारी लेने और लंबित कार्यों को तय समय में पूरा करवाने की बात कही।

पुलिस विभाग को ईमानदारी से काम करने का निर्देश
राजधानी में होने वाली आपराधिक घटनाओं और यातायात व्यवस्था पर भी मण्डलायुक्त ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। इसके साथ ही पुलिस विभाग के अधिकारियों को क्राइम पर नियंत्रण लगाने को लेकर ईमानदारी पूर्वक काम करने और जनता के साथ मित्रवत व्यवहार कर पुलिस की छवि को बेहतर बनाने की सलाह दी। मण्डलायुक्त ने लखनऊ के जिलाधिकारी राजशेखर को पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और जनता को यातायात नियमों का पालन करने की आदत डालने संबंधी हर संभव प्रयास करने की बात कही है। फिलहाल डीएम ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही क्राइम की स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस कार्रवाई की योजना बनाई है।

निर्माण कार्यों में रुचि नहीं ले रहे अधिकारी

मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मंडल में जिन 563 भवनों का निर्माण स्वीकृत हुआ था उनमें से 349 पूर्ण हो गये है, पूर्ण में से 211 हस्तान्तरित हो गये हैं। 189 भवन निर्माणाधीन हंै, जबकि 25 पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। मण्डल में 468 उपकेन्द्र स्वीकृत किए गए थे। इसमें 327 उपकेन्द्र ही पूर्ण हुए है, जिसमें 247 हस्तान्तरित किए जा चुके हैं। जबकि 119 उपकेन्द्रों के निर्माण का कार्य चल रहा है। जबकि 22 उपकेन्द्रों का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। इसी प्रकार 17 पीएचसी स्वीकृत की गई है लेकिन मात्र एक पीएचसी का निर्माण कार्य पूरा हुआ है, 15 पीएचसी निर्माणाधीन हैं। इसमें भी एक स्वीकृत पीएचसी पर कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसी तरह 13 सीएचसी में 2 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 11 निर्माणाधीन हैं। मण्डल में 200 बेड का एक मैटर्निटी विंग, सौ बेड के दो मैटर्निटी विंग, 50 बेड के दो मैटर्निटी विंग, 30 बेड के 6 मैटर्निटी विंग स्वीकृत हैं। इन पर निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इसी तरह खीरी में एक ड्रगवेयर हाउस का कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसका निर्माण पूरा कर हस्तान्तरित किया गया है। इसमें लखनऊ में छह और मण्डल के अन्य सभी जिलों मे एक एक आयुष विंग बनाने की स्वीकृत हैं, जिन्हें तैयार कर जिला अस्पतालों को हस्तान्तरित किया जा चुका हैं। मण्डल में सभी जनपदों में पोस्टमार्टम हाउस स्वीकृत किये गये थे, जिनमें से रायबरेली और उन्नाव में ही कार्य पूर्ण हुआ है। यहां पोस्टमार्टम हाउस हस्तान्तरित कर दिया गया है और क्रियाशील स्थिति में है। हरदोई में भी पोस्टमार्टम हाउस हस्तान्तरित कर दिया गया है लेकिन अन्य जिलों में निर्माण कार्य हो रहा है। जबकि उन्नाव, खीरी और सीतापुर में निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसमें खीरी और सीतापुर जिले में सबसे अधिक लापरवाही बरती गई है। इसलिए मंडलायुक्त ने दोनों जिलों के सीएमओ को जमकर फटकार लगाई और जल्द से जल्द लंबित कार्यों को पूरा करवाने का निर्देश दिया।

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