नाकारा प्रशासन के कारण सैकड़ों परिवारों की ईद होगी फीकी

  • लोगों का घरों से निकलना हुआ मुश्किल, लाखों रुपये खर्च कर दिये विभाग ने फिर भी क्षेत्रवासी संकट में

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। महानगर के दर्जन भर मोहल्ले जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में ईद की खुशियां और सेवईं की मिठास का फीका होना तय है। जबकि जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों ने प्रशासन से समस्या का समाधान कराने की गुजारिश की लेकिन कोई हल नहीं निकला।

प्रशासन की तरफ से ईद के त्यौहार पर करीब दो महीने से सफाई अभियान, प्रकाश व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, पेयजल और चूने का छिडक़ाव समेत अनेकों तैयारियां की जा रही हैं। इस पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बावजूद दर्जन भर मोहल्लों में रहने वाले लोगों के चेहरे पर ईद की खुशियां नजर नहीं आ रही हैं। इनके चेहरे पर जलभराव और जीवन के संकट की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। इसमें फैजुल्लावार्ड वार्ड एक और दो के अनकों मोहल्लों में रहने वाले हिन्दू और मुस्लिम परिवार घरों में कैद हो गए हैं। इनके सामने घरों में घुटने तक पानी होने की वजह से रहने और खाने का संकट उत्पन्न हो गया है। इसमें रहीमनगर, मौहिबुल्लापुर, नौबस्ता, डुडौनी, दाऊदनगर समेत अनेकों मोहल्लों में पानी में फंसे मुस्लिम परिवार के लोग ईद की कोई भी तैयारी नहीं कर पाये है। यदि ईद से ठीक पहले बरसात हो गई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे में सैकड़ों परिवारों की ईद फीकी ही रहेगी।

जनता का दर्द
फैजुल्लागंज के खदरा मोहल्ला निवासी आशिया का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। इस संबंध में क्षेत्रीय पार्षद से लेकर नगर आयुक्त तक को ज्ञापन सौंपकर समस्या का समाधान करने की गुजारिश की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

फैजुल्लागंज के नदीम जलभराव की समस्या के लिए नगर निगम को जिम्मेदार मानते हैं। इसके लिए नाली निर्माण का काम लंबित होने और सडक़ों को बनाने में की जा रही लापरवाही को प्रमुख कारण मानते हैं। इसके साथ ही जलभराव की वजह से ईद का त्यौहार सही ढंग से नहीं मना पाने पर दुखी भी हैं।

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