नहीं माने संगीत सोम, निकाली निर्भय यात्रा, प्रशासन ने रोकी, तनाव

  • शामली और मेरठ में लागू हैै धारा 144, राजनीति का अखाड़ा बन गया है यूपी
  • भाजपा प्रतिनिधिमंडल आज 3 बजे करेगा राज्यपाल से मुलाकात
  • संगीत सोम की यात्रा के बाद इलाके में तनाव

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजनीति का अखाड़ा बन गया है। भाजपा हर हाल में कैराना को चुनावी मुद्दा बनाने पर तुली है। प्रशासन से अनुमति न मिलने के बावजूद बीजेपी विधायक संगीत सोम ने आज सरधना से कैराना तक निर्भय होकर निर्भय यात्रा निकाली, जिसे प्रशासन ने रोक दिया। जबकि संगीत सोम को बीजेपी नेताओं ने मना किया था फिर भी वह अपने समर्थकों के साथ यात्रा पर निकल गए। उधर बीजेपी के काउंटर में सपा भी अतुल किशोर के नेतृत्व में सद्भावना यात्रा निकालने वाली है। फिलहाल प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है इस यात्रा को रोकने की। जबकि मेरठ और शामली में धारा 144 लागू है।
पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में कैराना मामले को लेकर सियासी हलचल मचा हुआ है। बीजेपी हर हाल में कैराना के बहाने प्रदेश में अपनी रोटी सेकना चाह रही है। इसके लिए बीजेपी विधायक समय-समय पर आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। बीते दिनों संगीत सोम ने 17 जून को प्रशासन से सरधना से कैराना तक निर्भय यात्रा निकालने के लिए अनुमति मांगी थी। लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इतना ही नहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मेरठ और शामली में धारा-144 लागू कर दिया है। प्रशासन से अनुमति न मिलने के बाद भी संगीत सोम निर्भय यात्रा निकालने पर अड़े रहे। उन्हें बीजेपी नेताओं ने भी जाने से मना किया। लेकिन वह माने नहीं। आज दोपहर 12 बजे अपने समर्थकों के साथ संगीत सोम ने सरधना से यात्रा निकाल दी और प्रशासन देखता रहा। जब से बीजेपी नेता हुकुम सिंह ने कैराना से हिंदुओं के पलायन की लिस्ट जारी की है। उधर संगीत सोम आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। पदयात्रा से पूर्व उन्होंने कहा कि, ‘हम उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ खड़े हैं और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। अगर कैराना से लोग पलायन कर रहे हैं तो हम उन्हें वापस लाएंगे। हम उत्तर प्रदेश को कश्मीर नहीं बनने देंगे।’ उन्होंने कहा कि हम वहां दंगा करने नहीं, पलायन करने वाले हिंदुओं को भरोसा दिलाने जा रहे हैं। ऐसा ही कुछ उन्होंने मुजफ्फरनगर में किया था। वहां भी हिंदुओं को भरोसा दिलाने गए थे और वहां क्या हुआ था, इससे सभी वाकिफ है। जहां भी साम्प्रदायिक मामले सामने आते हैं लोगों की भावनाओं को भडक़ाने के लिए संगीत सोम पहुंच जाते हैं। चाहे वह दादरी कांड का मामला हो या मुजफ्फरनगर का।

संगीत सोम की होनी चाहिए थी गिरफ्तारी
संगीत सोम की निर्भय यात्रा निकाले जाने के संबंध में जब एसएसपी मेरठ रविन्द्र गौड़ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमारे पास पर्याप्त फोर्स है। हम उन्हें इस क्षेत्र में आने से हर-हाल में रोकेंगे। यहां सवाल उठता है कि जब प्रशासन ने अनुमति नहीं दी औैर संगीत सोम को यात्रा निकालने से मौके पर ही रोकना चाहिए था। जब वह नहीं मान रहे थे तो सोम की मौके से गिरफ्तारी होनी चाहिए थी।

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