नशा मुक्ति आन्दोलन पर संगोष्ठïी का आयोजन

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। तम्बाकू व इससे बने उत्पादों से 40 प्रकार के कैंसर और 25 प्रकार की बीमारियां होती हैं। धूम्रपान करने से सिगरेट का केवल 30 प्रतिशत धुंआ ही पीने वालों के फेफड़े में जाता है, शेष 70 प्रतिशत धुंआ बाहर अन्य लोगों को प्रभावित करता है। भारत में हर साल कैंसर से मरने वाले रोगियों में 40 प्रतिशत संख्या तंबाकू सेवन करने वालों की होती है। इसके अलावा 95 प्रतिशत मुंह के कैंसर तम्बाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों को होता है। भारत में प्रत्येक वर्ष 9 लाख भारतीय तम्बाकू सेवन से मरते हैं जो कि क्षय रोग, एड्स और मलेरिया से होने वाली मौतों से कहीं अधिक है।
उक्त बातें राजधानी में चल रहे यूपी महोत्सव के दौरान नशा मुक्ति आन्दोलन की ओर से तम्बाकू और मानव स्वास्थ्य विषय पर संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि किंग जार्ज विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा.सूर्यकांत ने कही। कार्यक्रम में संयोजक बृजनन्दन यादव ने कहा कि तंबाकू कंपनियां राष्ट्रद्रोही हैं। ये कंपनियां अपने फायदे के लिए पूरे राष्ट्र के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। आज आवश्यकता है कि हम तम्बाकू कंपनियों की चालों का पहचानें और प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार पर दबाव डालें। कार्यक्रम के दौरान सह संयोजक आर.पी.सिंह, होम्योपैथिक चिकित्सक डा. अनिरूद्ध वर्मा, वीरेंद्र पाण्डेय,के साथ भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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