नरेश उत्तम ने संभाली सपा के प्रदेश अध्यक्ष की कमान

अखिलेश यादव के समर्थकों का पार्टी कार्यालय पर कब्जा

शिवपाल यादव का नेम प्लेट भी उखाडक़र फेंका

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। समाजवादी पार्टी अब पूरी तरह से अखिलेश यादव के हाथ में चली गई है। कल जनेश्वर मिश्र पार्क में पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और प्रदेश अध्यक्ष पद पर नरेश उत्तम को तैनात किए जाने के बाद सब कुछ स्पष्ट हो गया है। अखिलेश ने शिवपाल यादव और अमर सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वहीं इन सभी घटनाक्रमों की वजह से मुलायम की तबीयत खराब हो गई है। उनका चिकित्सकों की निगरानी में इलाज भी चल रहा है। इसलिए मुलायम सिंह के निर्देश पर 5 जनवरी को होने वाला सपा का राष्ट्रीय सम्मेलन स्थगित कर दिया गया है।
अखिलेश यादव ने रविवार की शाम करीब 5 बजे नरेश उत्तम को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया। इसके बाद नरेश उत्तम सपा दफ्तर पहुंच गए। वहां तैनात सुरक्षा बलों ने सपाइयों को रोकने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी जद्दोजहद के बाद कार्यकर्ता दफ्तर के अंदर घुस गए। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव और महामंत्री ओम प्रकाश सिंह की नेम प्लेट उखाड़ कर फेंक दीं। मुलायम, शिवपाल और ओम प्रकाश के दफ्तर बंद थे। ओम प्रकाश के दफ्तर का ताला कार्यकर्ताओं ने तोड़ दिया। नरेश ने उनके दफ्तर में जाकर प्रदेश अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया। दरअसल, सुबह जब अधिवेशन चल रहा था। उसी वक्त विक्रमादित्य मार्ग स्थित सपा दफ्तर छावनी में तब्दील हो गया था। किसी को भी अंदर घुसने की इजाजत नहीं थी। यहां तक कि शिवपाल यादव भी रविवार को सपा मुख्यालय नहीं गए। वहीं रविवार को देर रात तक सपा दफ्तर पर युवा कार्यकर्ताओं का जश्न चलता रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुलायम के करीबी एमएलसी आशु मलिक की सुरक्षा भी हटवा दी। वहीं शिवपाल यादव ने होटल ताज में पत्रकारों को एक पार्टी दी थी, जिसमें कस्मे वादे प्यार वफा सब, बातें हैं बातों का क्या…गाना गाकर दिल की बात कहने का प्रयास किया। इस दौरान शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य भी मौजूद थे।

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