नदियों के लिए केंद्र के साथ: अखिलेश

  • केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने सीएम से की मुलाकात
  • आने वाली पीढिय़ों को बेहतर पर्यावरण के लिए नदियां जरूरी
  • गंगा नदी को साफ बनाने के लिए उसकी सहायक नदियों को साफ-सुथरा बनाना जरूरी

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नदियों के विकास के लिए पूरी तरह से केंद्र के साथ मिलकर सभी योजनाओं में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री से रविवार को उनके सरकारी आवास पर केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा सफाई मंत्री सुश्री उमा भारती ने भेंट किया। इस दौरान मुख्यमंत्री से उनकी नदियों को लेकर लंबी वार्ता हुई। सीएम ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती को भरोसा दिया कि नदियों की बेहतरी के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह केंद्र के साथ रहेगी। इतना ही नहीं उन्होंने प्रदेश सरकार के नदियों के लिए कराए गए कार्यो का पूरा ब्यौरा भी दिया।
नदियों की साफ-सफाई पर वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस दिशा में पहल कर दी है। उन्होंने बताया कि गोमती नदी की तरह राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से वाराणसी में वरुणा, वृन्दावन में यमुना और अयोध्या में सरयू नदी की साफ-सफाई और सौन्दर्यीकरण का कार्य कराए जाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि यदि केन्द्र सरकार इस सन्दर्भ में कोई प्रस्ताव देती है, तो उस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव को कल ही बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढिय़ों को बेहतर पर्यावरण सौंपने के लिए हमें अपनी नदियों पर ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी को साफ बनाने के लिए उसकी सहायक नदियों को साफ-सुथरा बनाना जरूरी है। गंगा और उसकी सहायक नदियों की साफ-सफाई के प्रति राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस कार्य में राज्य सरकार केन्द्र सरकार को हर सम्भव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि गोमती नदी की तरह ही वरुणा, सरयू, यमुना आदि नदियों की साफ-सफाई और सौन्दर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा। उन्होंने काली नदी के प्रदूषण पर चिन्ता जताते हुए कहा कि इसे दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।
श्री यादव ने कहा कि लखनऊ में गोमती नदी को साफ-सुथरा तथा आस-पास के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए गोमती नदी का चैनलाइजेशन कार्य तेजी से किया जा रहा है और इसके लिए बजटीय व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि गोमती नदी को साफ-सुथरा बनाने और इसके सौन्दर्यीकरण का कार्य देश की सभी नदियों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नदी प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
श्री यादव ने कहा कि गंगा नदी के किनारे स्थित नगरों में चरणबद्ध रूप से कार्य कराए जाएंगे और राष्ट्रीय गंगा रिवर बेसिन अथॉरिटी द्वारा कराए जाने वाले कार्यक्रमों के लिए व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों पर बसे नगरों से होने वाले नदियों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपाय किए जा रहे हैं। ईको-फ्रेंडली रिवर फ्रंट डेवलपमेण्ट की योजनाएं लागू की जा रही हैं।

Pin It