नगर निगम के ‘अतिक्रमण हटाओ’ दस्ते पर हमला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। नगर निगम का प्रवर्तन दल अतिक्रमण हटवाने की लाख कोशिशों के बाद भी नाकाम साबित हो रहा है। इस विभाग के अधिकारियों की हनक खत्म होती जा रही है। इस कारण अतिक्रमण हटवाने के दौरान टीम पर हमला बोलने में भी लोग संकोच नहीं करते हैं। इस वजह से सडक़ों को अतिक्रमण मुक्त करने की योजना खयाली पुलाव साबित हो रही है।

शहर की प्रमुख सडक़ों और निगम क्षेत्र की जमीनों पर अतिक्रमण के लिए नगर निगम और क्षेत्रीय पुलिस की टीम जिम्मेदार हैं। इन पर दुकानदारों और कब्जेदारों से रूपये लेकर दुकानें लगाने का आरोप लगता रहा है। इस बात से पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी इंकार नहीं कर सकते हैं। इसकी मिसाल अमीनाबाद, हजरतगंज, महानगर, निशातगंज, नाका, चारबाग, इंदिरानगर और भूतनाथ मार्केट में देखी जा सकती है। यहां सैकड़ों बार अतिक्रमण हटवाया जा चुका है। इसके बाद भी सडक़ें संकरी हैं। सडक़ों के दोनों किनारों पर दो से तीन फीट चौड़ी जगह पर दुकानें लगी हुई हैं। इन सभी दुकानदारों से रोजाना क्षेत्रीय पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों की तरफ से तैनात व्यक्ति सुविधा शुल्क वसूलते हैं। इसमें दुकान की बिक्री के अनुसार रोज का अवैध सुविधा शुल्क वसूला जाता है। इसी वजह से अतिक्रमण हटवाने के दौरान क्षेत्रीय पुलिस दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से बचती है। इसका खामियाजा जोनल अधिकारियों और प्रवर्तन दल की टीम को भुगतना पड़ता है। मण्डलायुक्त और एसएसपी बोल चुके हैं कि सडक़ों के किनारे दोबारा अतिक्रमण हुआ तो उसकी जिम्मेदारी क्षेत्रीय पुलिस चौकी के प्रभारी की होगी। इसके बावजूद सडक़ों पर अतिक्रमण करवाने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। इसी वजह से अतिक्रमण की समस्या समाप्त नहीं हो रही है।

गौरतलब हो कि फैजाबाद रोड पर भूतनाथ मार्केट से लेकर कुकरैल तक सडक़ों के किनारे जबरदस्त अतिक्रमण फैला हुआ है। यहां फर्नीचर, चाय की दुकान, पान की गुमटी और अन्य दुकानों के कारण सडक़ की चौड़ाई आधी हो गई है। इसकी शिकायत लगातार मिल रही थी, जिसको गंभीरता से लेकर गुरुवार को प्रवर्तन दल की टीम अतिक्रमण हटवाने पहुंची। टीम ने ज्योंही सडक़ों पर फैला सामान उठाना शुरू किया, दुकानदारों ने टीम पर हमला बोल दिया। इसके बाद चारों तरफ से ईंट, पत्थर और लाठियां चलने लगीं। नगर निगम की टीम जान बचाकर भागने लगे लेकिन दुकानदारों ने चारों तरफ से घेर लिया। आखिरकार दोनों पक्ष आमने-सामने आ गये और जमकर मारपीट हुई। इसमें दो दर्जन से अधिक लोग चोटिल हो गये। इस दौरान क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई।

प्रवर्तन दल पर हमले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और लाठियां भांजकर मामला शांत करवाया।

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