धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन

थाना व पुलिस चौकी के पास से गुजर जाते हैं डम्पर व ट्रैक्टर ट्रालियां

धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, घाटी बन रहे कई गांव
सत्ता पार्टी के लोग भी शामिल, रात में होता है अवैध कार्य

Captureh4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मलिहाबाद तहसील व पुलिस अधिकारियों की सांठगांठ से सक्रिय हुये भू-खनन माफियाओं ने कई गांवों मे धड़ल्ले से खनन कर इलाके को चम्बल घाटी की तरह बदल दिया है। गहरे खनन के कारण आसपास के किसानों के खेत व पेड़ बरसात के समय ढह कर गहरे गड्ढ़ों में समा जायेंगे। अधिकारी इसका दायित्व दूसरों पर डालकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। अवैध खनन को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति लगातार अपने मातहतों को भले ही निर्देश देते हों लेकिन हकीकत कुछ और ही है। अवैध खनन को लेकर विगत दिनों बिजनौर जनपद में खून की होली भी खेली गयी थी।
मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के मलहा गांव में इस समय खनन माफिया कहर बरपा रहे हैं। गांव में करीब 70 बीघा जमीन पर खनन माफिया जेसीबी, डम्परों व ट्रैक्टर ट्रॉलियों से धड़ल्ले से यह अवैध कारोबार कर रहे हैं। सारे नियम व कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए खनन माफिया बेखौफ होने के साथ ही काफी सक्रिय हैं। बताते हैं कि तहसील के अधिकारी व काकोरी पुलिस अपनी बंधी बंधाई रकम पूर्व में लेकर अपनी आंखें बंद करके बैठी हुई है। मशीनों से खनन का कार्य शाम ढलते ही सुबह पांच बजे तक बेरोक टोक जारी रहता है। पूरी रात खनन की मिट्टी से भरे डम्पर व ट्रैक्टर ट्रालियां जेहटा रोड़ होते हुये ग्राम अमेठिया सलेमपुर होकर गुजरते हैं। काकोरी थाने से 100 मीटर पास से गुजरने वाले डम्परों व ट्रालियां पुलिस की चौकी के पास से निकलकर गाडिय़ां बेखौफ चली जाती हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। प्रतिदिन सैकड़ों डमफर अवैध खनन हो रहा है।
इस जमीन पर करीब 20 फीट गहरी मिट्टी खदान की जा रही है। 70 बीघे ग्राम समाज की इस जमीन के 40 प्रतिशत भाग को एक सप्ताह में खोद डाला गया है। खनन मफियाओं ने इसी गांव के बाबू तिवारी व श्यामनरायन के हरियाली पट्टे की भूमि को भी खोदकर तालाब बना दिया है। जिस भूमि पर खदान हो रह है उसके तटवर्ती किसानों के खेत व बागों के पेड़ों के ढहने का खतरा उत्पन्न हो गया है। दबंग खनन माफियाओं के डर से किसान व ग्रामीण सहमे हुये हैं। दो दिन पूर्व हिम्मत कर एकजुट हुये कुछ किसान लाठी-डण्डों से लैस होकर अपने खेतों के किनारे गहरी खदान न कराने के लिए मौके पर पहुंचे थे। जहां ठेकेदार ने उन्हें धमकी देकर भगा दिया था। हकीकत तो यह है कि लेखपाल रामगोपाल भी मौके पर जाकर बड़ी मात्रा में हो रहे खदान को देखने के बाद इसकी सूचना अपने अधिकारियेां को नहीं दी। इसी प्रकार ग्राम जेहटा, कटौली व रूसैना, जगतीखेड़ा सहित बड़ागांव के पास से निकली शारदा नहर की पटरी पर मिट्टी खनन का कार्य माफिया धड़ल्ले से कर रहे हैं। शिकायतों के बावजूद पुलिस व तहसील कर्मी अपनी आंखें बंद किये हुये हैं। इस सम्बन्ध में पुलिस क्षेत्राधिकारी अभयनाथ त्रिपाठी व तहसीलदार विजय कुमार मिश्रा जानकारी से साफ इंकार कर रहे हैं।

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