दो साल में कल्लू तो वहीं खड़ा है मोदी जी

इस बदलते हुए देश की तस्वीर के पीछे कुछ तस्वीरे और सामने आती है। महाराष्ट से लेकर उत्तर प्रदेश तक किसानों की बदहाली और उनके आत्महत्या करने की खबरें न जाने कब से अखबारों की पिछले पन्नों पर चली गई हैं। दो सालों में देश में सैकड़ों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। किसानों को अन्नदाता बताने वाले इस देश में किसानों की आत्महत्याएं अब किसी को दुख नहीं पहुंचाती। मानो सब ने स्वीकार कर लिया है कि किसानों का इस तरह मर जाना उनकी नियति है।

sanjay sharma editor5दो साल और सरकार का जश्न। मोदी सरकार के बड़े से बड़े मंत्री देश के कोने-कोने में इस बात का एलान करने के लिए निकल पड़े है कि दो साल में मोदी जी ने क्रंाति कर दी। अब हमारा देश तरक्की की उन उंचाईयों को छूने जा रहा है जहां आज तक कोई नहीं पहुंच सका। मैं और मेरे साथी भी टीवी चैनल में चमचमाती मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान सुन रहे थे और अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन देखकर सोच रहे थे कि वास्तव में मोदी जी ने इस देश की तस्वीर बदल दी। बातचीत चल ही रही थी कि कोने में चाट का ठेला लगाए कल्लू ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि साहब दो साल में क्या बदला ये मैं नहीं समझ पा रहा। मैं भी सोचता रहा कि आखिर कल्लू और उन जैसे लोगों को कैसे और क्या समझाया जाए।
इस बदलते हुए देश की तस्वीर के पीछे कुछ तस्वीरे और सामने आती है। महाराष्टï्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक किसानों की बदहाली और उनके आत्महत्या करने की खबरें न जाने कब से अखबारों की पिछले पन्नों पर चली गई हैं। दो सालों में देश में सैकड़ों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। किसानों को अन्नदाता बताने वाले इस देश में किसानों की आत्महत्याएं अब किसी को दुख नहीं पहुंचाती। मानो सब ने स्वीकार कर लिया है कि किसानों का इस तरह मर जाना उनकी नियति है। अब उनकी आत्महत्याएं देश चला रहे शासकों के माथे पर पसीना नहीं लाती।
यह बदलता हुआ देश है। दो साल की चकाचौंध के बीच कहीं सवाल नहीं उठता कि महाराष्टï्र के दर्जनों गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। कुछ जगहों पर तस्वीर सामने आई कि छोटे बच्चे को पानी के लिए कुएं तक में उतार दिया गया। कुछ बाल्टी पानी के लिए लोग एक दूसरे की हत्या करने पर उतारु हो जा रहे हैं। दो साल की इन चमचमाती तस्वीरों में आखिर इतनी बदरंग तस्वीर कोई क्यों ढूढ़े। सबको चकाचौंध अच्छी लगती है और सब उसमें खो जाना चाहते हैं।
अब कल्लू को जब एक साथी ने समझाया कि मोदी जी ने तुम्हारा बैंक खाता खुलवा दिया तो नाराज कल्लू बोला इस बैंक खाते में पैसे कहां से आयेंगे। दो साल में दाल दौ सौ रुपये किलों बिक रही है। हमसे कहा था कि हमारे खाते में पन्द्रह लाख आयेंगे। जब सब नेताओं को सिर्फ झूठ ही बोलना है तो इन दो सालों का जश्न भी आप ही लोग मनाओं, जाहिर है कल्लू की बातों का जवाब मेरे पास नहीं था आप के पास हो तो बताएं।

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