दो महीने तक लैब में धूल फांकती रही जांच रिपोर्ट पुलिस को नहीं थी परवाह

दादरी हत्याकांड

अखलाक के घर मटन था बीफ नहीं
डॉक्टर राजेश दीक्षित ने 31 अक्टूबर को तैयार कर दी थी रिपोर्ट

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के दादरी स्थित बिसाहड़ा गांव में बीफ खाने की अफवाह को लेकर अखलाक नाम के शख्स की हत्या के मामले की जांच को यूपी पुलिस जानबूझकर लटका रही है। यह इसलिये कहा जा रहा है कि जिस जांच रिपोर्ट का खुलासा आज हो रहा है वह आज से दो महीने पहले ही आ चुकी थी लेकिन नोएडा पुलिस की लचर कार्यशैली की वजह से यह फाइल लैब में ही धूल फांकती रही। इस पूरे प्रकरण में यह सवाल शुरू से ही बना हुआ था कि अखलाख के घर से मीट का जो टुकड़ा बरामद किया गया था, वह बीफ था या मटन या कुछ और। इसके बाद बरामद टुकड़े को जांच के लिए मथुरा फॉरेंसिक लैब भेजा भी गया था।
लैब में कार्यरत रहे डॉक्टर राजेश दीक्षित के अनुसार 31 अक्टूबर को रिटायर होने से पहले ही उन्होंने मीट के उस टुकड़े की जांच करके रिपोर्ट तैयार कर दी थी, लेकिन वह फाइल दो महीने तक ऑफिस में ही धूल खाती रही।
आपको बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मोहम्मद अखलाक के घर में फ्रिज में जो मांस रखा था वह बीफ नहीं, मटन था। दादरी में इस अफवाह के बाद अखलाक की हत्या कर दी गई थी कि उसने बछड़े का मांस खाया और घर में रखा। उसके बेटे को भी भीड़ ने बुरी तरह घायल कर दिया था। यह घटना 29 सितंबर की है। भीड़ ने अखलाक को उसके घर से घसीट कर इतना पीटा था कि उसकी मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जो चार्जशीट दायर की है उसमें यह जिक्र है कि अखलाक के घर में मटन रखा था, बीफ नहीं। उत्तर प्रदेश वेटेरिनरी डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के हवाले से ऐसा कहा गया है। यूपी पुलिस ने पिछले सप्ताह बुधवार को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस ने चार्जशीट में बताया कि अखलाक के घर से एक रॉड, पांड लाठियां, खून से लथपथ कपड़े, जूते और एक मीट का टुकड़ा बरामद किया गया है।

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