दो दिन की बारिश से उजागर हुआ भ्रष्टïचार

हफ्तों पहले बनी सडक़ों में हो गये गड्ढे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। दो दिन की बरसात ने राजधानी के सडक़ों की पोल खोल दी है। कुछ दिन पूर्व ही बनीं नई सडक़ें दो घंटे की बरसात में उखडऩे लगी है। एक तरफ इससे भ्रष्टïचार तो उजागर हुआ ही, साथ ही इसे देखकर चुप बैठे अधिकारियों की निष्क्रियता भी उजागर हुई। हाईकोर्ट परिसर के पास हो या फिर निराला नगर के पास सडक़ों का यही हाल है। यहां नई सडक़ों में पानी भर गया है। इन्हीं सडक़ों के इर्द गिर्द आधा दर्जन से अधिक सीवर के ढक्कन टूटे पड़े हैं।
हाईकोर्ट परिसर के पास बनी सडक़ बारिश की बूंदों में उधड़ गई और अब आलम यह है कि वाहनों के आवागमन से इसकी गिट्टïी निकलने का सिलसिला जारी है। इससे सडक़ का निर्माण कराने वाले ठेकेदार से लेकर पास करने वाले अफसर तक की मिलीभगत और कमीशनखोरी साफ झलक रही है और शासन-प्रशासन सब देखते हुए भी अपनी आंखों पर बांधे हुए है। वहीं निरालानगर क्रासिंग से पहले जाने वाली रोड चंद सप्ताह पहले बनी थी, लेकिन मंगलवार को हुई ढाई घंटे की तेज बारिश भी सह नहीं पायी। यहां से चंद कदम आगे बढ़ते ही पार्क के सामने की सडक़ भी उखडऩे लगी है। स्थानीय पार्षद के आवास से चंद मीटर दूर बनी रोड का यह हाल है। अन्य गलियों की सडक़ों का हाल क्या होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। यहां से करीब दो किमी आगे चलते ही ग्लोब नर्सिग होम पर स्थित रोड का भी बुरा हाल है। राम स्वरूप अग्रवाल मार्ग से पहले की इस रोड पर पैदल चलना भी मुश्किल है। हर कदम पर गड्ढे हो गए हैं। यही नहीं करीब पांच सौ मीटर रोड पर चार सीवर के ढक्कन खुले हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि तमाम शिकायतों के बाद इनकी मरम्मत नहीं की गई है।

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