दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई: जिलाधिकारी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिलाधिकारी राजशेखर ने मिड डे मील के अंतर्गत दूध और खाना खाने की वजह से बीमार बच्चों के मामले में अक्षय पात्र और पराग संस्था को नोटिस भेजा है। दोनों संस्थाओं को सप्ताह भर के अंदर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
छावनी क्षेत्र में 29 जुलाई को माध्यमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय तोपखाना, जूनियर हाई स्कूल बीसी बाजार में मिड डे मील के अंतर्गत मिला दूध पीने से 72 बच्चों के बीमार हो गये थे। इस मामले में नगर मजिस्ट्रेट, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी और बीएसए ने जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें अक्षय पात्र, पराग और स्कूलों से संबंधित कर्मचारियों के विस्तृत बयान दर्ज हैं। जिनको आधार मानकर जिलाधिकारी राजशेखर ने अक्षय पात्र फाउण्डेशन और पराग संस्था को नोटिस भेजकर सप्ताह भर के अंदर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। गौरतलब हो कि दूध पीने से बीमार बच्चों के मामले में सबसे हास्यास्पद बयान शिक्षकों ने दिया है, जिसमें कहा गया है कि स्कूली बच्चे सुबह के वक्त खाली पेट रहते हैं। इसी वजह से दूध पीने की वजह से अपच और उल्टी की समस्या हो गई। अक्षय पात्र संस्था के पदाधिकारियों ने अपने उत्पाद की गुणवत्ता सही होने का दावा किया है। इसमें कोल्ड चेन के मानकों का पालन नहीं होने की वजह से दूध खराब होने और उसको पीने की वजह से बच्चों की तबीयत बिगडऩे की बात कही गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों की तबीयत बिगडऩे के मामले में दोषी कौन है? इस बात का पता कैसे लगाया जायेगा ? इस पूरे प्रकरण का ठीकरा किसके सिर फूटेगा ? यह भी एक बड़ा मामला है क्योंकि हमेशा से छोटी मछलियां बड़े मामलों में शिकार होती रही हैं। इस मामले में भी वैसा ही कुछ होने वाला है।

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