देश को जोड़ती है हिंदी और उर्दू: अखिलेश यादव

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हिंदी और उर्दू को देश को जोडऩे वाली भाषा बताया है। उन्होंने कहा कि ये भाषाएं आजादी की लड़ाई में सूचनाओं के आदान प्रदान का सशक्त माध्यम रही हैं। हिन्दी और उर्दू गरीबों, किसानों, मजदूरों की भाषा है। देश की तरक्की मातृभाषा के सम्मान से ही हो सकती है। इसलिए हिंदी-उर्दू को प्रतिष्ठा देकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाया जा सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हिंदी, संस्कृत की तरह उर्दू के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में उत्तीर्ण और उर्दू विषय में हर जिले में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले 189 छात्र-छात्राओं को 5100 रुपये का चेक, स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने उर्दू, संस्कृत और हिंदी विषय के टॉपरों को लैपटॉप देने की घोषणा भी की है। इस अवसर पर उन्होंने दादरी कांड को लेकर आजम खां के यूनाइटेड नेशंस जाने का जिक्र तो नहीं किया, लेकिन इशारों ही इशारों में देश के अंदरूनी मामलों का समाधान खुद ढूंढने पर जोर दिया। कहा, कुछ लोग बदायूं कांड को कहां तक ले गए, पर सच्चाई क्या निकली? घटना दुखद थी लेकिन उन संस्थाओं को सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए थी, जो इसे लेकर दूर तक गए। उन्होंने कहा कि घर की अंदरूनी बातें बाहर नहीं जानी चाहिए। यहां की बातों का समाधान देश में ही होना चाहिए। दुनिया के बराबर खड़ा होने के लिए बड़े दिल का होना पड़ेगा। हमें कुछ चीजों को भूलना पड़ेगा।

 

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