देर से शुरू हुआ अच्छा कदम

सियासत भी बहुत क्रूर होती है। हर समय अपने ही लाभ के बारे में सोचती है। पूर्वांचल में भी सालों से यही हो रहा है। एक बीमारी मौत का कहर बनकर पूरे इलाके को तहस-नहस कर रही है। इस बीमारी पर काबू पाने में राज्य और केन्द्र की सरकारें विफल हो रही हैं और समस्या हर दिन बढ़ती जा रही है।

sanjay sharma editor5इसमें कोई भी दो राय नहीं कि गोरखपुर में एम्स की शुरुआत करके प्रधानामंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वांचल को एक बड़ा तोहफा दिया है। यह एम्स सालों पहले बन जाना चाहिए था। मगर यह वो जगह है जहां हर बात राजनीति के तराजू पर तोली जाती है। अफसोस मोदी जी ने भी इस शानदार पहल के लिए बहुत देर कर दी। अगर सरकार बनते ही गोरखपुर में एम्स बनाने का काम शुरु हो जाता है तो गोरखपुर में एम्स बन चुका होता और दो साल में ही सैकड़ों बच्चों को मौत के मुंह में जाने से रोका जा सकता था। अफसोस इस अच्छी शुरुआत के लिए भी यूपी चुनाव का इंतजार किया गया, जिससे एम्स की स्थापना करने का फायदा यूपी चुनाव के समय उठाया जा सके।
सियासत भी बहुत क्रूर होती है। हर समय अपने ही लाभ के बारे में सोचती है। पूर्वांचल में भी सालों से यही हो रहा है। एक बीमारी मौत का कहर बनकर पूरे इलाके को तहस-नहस कर रही है। इस बीमारी पर काबू पाने में राज्य और केन्द्र की सरकारें विफल हो रही हैं और समस्या हर दिन बढ़ती जा रही है।
दुनिया के किसी भी इलाके में अगर एक ही बीमारी से दस हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो जाए तो पूरे सिस्टम पर कोई असर नहीं डालती क्योंकि मरने वाले बच्चे बहुत गरीब घरों के हैं और उनका कोई वोट बैंक नहीं है।
कितना दर्दनाक सीन होता है जब पूर्वांचल में किसी बच्चे का शरीर गरम होने लगता है तो उसके मां बांप रोना शुरु कर देते हैं क्योंकि उनको मालूम है कि अब उनका बच्चा बचने वाला नहीं है। वह बेबस देखते ही रहते हैं कि कब तक उनके बच्चे की सांस चलती रहती है। यह सिलसिला लगातार चलता आया है और दुर्भाग्य से लगातार चल भी रहा है।
किसी भी सरकार ने इस समस्या पर काबू पाने के लिए कोई भी गंभीर प्रयास नहीं किये वरना यह समस्या अब तक पूरी तरह से खत्म हो चुकी होती। पूर्वांचल में हर साल दिमागी बुखार कहर बनकर टूटता है और देखते-देखते हजारों लोग अपने नन्हें-मुन्नों को अपने सामने दम तोड़ते हुए देखते रहते हैं।
पीएम मोदी ने देर से ही एक अच्छी शुरुआत तो की है। एम्स बन जाने से पूर्वांचल में फैल रही इस घातक बीमारी पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। अच्छा हो इस इलाके में खासतौर पर बच्चों का एक अस्पताल बनवाया जाए जहां इस बीमारी से ग्रसित बच्चों का पूरा इलाज हो सके, जिससे कोई भी नौनिहाल बेवजह मौत के आगोश में ना जाए।

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