दूसरे के चेक पर हस्ताक्षर कर किया फर्जीवाड़ा

एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। रुपये लौटाने के नाम पर फर्जीवाड़े के जहां नये-नये हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। एक आदमी ने अपने दोस्त का कर्ज चुकाने के लिये दूसरे के चेक पर अपना हस्ताक्षर करके दे दिया। इसका खुलासा बैंक में चेक लगाने के बाद हुआ। पीडि़त ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने मामले को टाल दिया। पीडि़त ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी के आदेश पर चौक पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
चौक कोतवाली क्षेत्र के अकबरी गेट निवासी माजिन खां ने अपने दोस्त एजाज हसन को व्यापार करने के लिये आठ लाख रुपये 17 अगस्त 2014 को दिया था। काफी दिन बाद रुपये मांगने पर एजाज हसन ने 17 नवम्बर 2014 को चेक नम्बर 037777 आईसीआईसीआई बैंक शाखा चौक के माध्यम से माजिन को रुपये लौटा दिया। माजिन ने चेक बैंक में लगाया लेकिन एक माह तक खाते में पैसा नहीं आया। माजिन को बैंक से पता चला कि चेक जुहैब नाम के एक व्यक्ति का चैक है जिस पर फर्जी हस्ताक्षर करके उसे दिया गया है। माजिन ने जब एजाज से रुपये की मांग की तो उसने अपने दोस्त को अपशब्दों का प्रयोग करने के साथ ही धमकी देने लगा। इस मामले में माजिन ने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने मामले को टाल दिया। माजिन ने एसएसपी राजेश कुमार पांडेय से न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी ने चौक पुलिस को मुकदमा दर्ज करते हुये कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
असीम बने पुलिस महानिरीक्षक यातायात

लखनऊ। अवकाश से वापस लौटने के बाद आईपीएस अधिकारी असीम कुमार अरूण को सरकार ने चार्ज दे दिया। श्री अरुण को पुलिस महानिरीक्षक यातायात का चार्ज दिया गया है। बता दें कि श्री अरूण स्टडी लीव के कारण अवकाश पर थे। अध्ययन से वापस आने के बाद सरकार ने उनको तत्काल पुलिस महानिरीक्षक यातायात के पद का चार्ज दे दिया। असीम अरुण की पहचान तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। श्री अरुण को तकनीक के क्षेत्र में भी महारत हासिल है। जब वह अलीगढ़ में एसएसपी हुआ करते थे तो वहां पर स्वॉट टीम बनाकर पूरे प्रदेश में खूब चर्चा में आये थे।

Pin It