दीनदयाल के जीवन में ‘स्व’ का कोई स्थान नहीं था: शाह

भाजपा अध्यक्ष ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वांग्मय पुस्तक का किया विमोचन

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन में ‘स्व’ का कोई स्थान नहीं था। उनका पूरा जीवन इस देश की संस्कृति और उसके हित को समर्पित था। उन्होंने हर क्षेत्र में अपने विचार बेबाकी से रखे। जो कि 50 साल बाद आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस वक्त थे। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम डाक टिकट भी जारी किया।
गोमती नगर स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. मेहश चन्द्र शर्मा के सम्पादन में प्रकाशित दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वांग्मय पुस्तक का विमोचन शाह ने किया। समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन को देश के लिए समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि जनसंघ की नीतियां भारतीय संस्कृति से जुड़ी हैं। भारत के पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू ने विकास नीतियों में भारतीय संस्कृति व मिट्टी की खुशबू को नजरअंदाज कर दिया था। जिसके बाद डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी व पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने 1951 में जनसंघ की स्थापना की।

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