दिल्ली में बीएसएफ का चार्टर्ड प्लेन क्रैश, 10 लोगों की मौत

सुबह दिल्ली एयरपोर्ट के पास हुआ हादसा

ब्लैक बॉक्स से ही होगा घटना का खुलासा
मजदूरों पर गिरा विमान का मलबा, कई मजदूरों की हालत गंभीर
कोलकाता एयरपोर्ट पर भी एक बड़ा हादसा होने से बचा

नई दिल्ली। आज सुबह दिल्ली में एयरपोर्ट के पास बीएसएफ का एक चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। हादसा T1द्वारका सेक्टर-8 के पास शाहबाद मोहम्मदपुर इलाके में हुआ, जहां विमान एक मकान से टकरा गया। आग बुझाने के लिए मौके पर दमकल की 15 गाडिय़ां पहुंच गई। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। इसी तरह आज सुबह कोलकाता एयरपोर्ट पर भी एक बड़ा हादसा होने से बचा। एक बस ने एअर इंडिया के खड़े विमान को टक्कर मार दी। बस विमान के इंजन के एक हिस्से में जा घुसी और विंग से टकराते-टकराते बची।
आज सुबह 9.50 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही पांच मिनट के भीतर प्लेन क्रैश हो गया। इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आउटर बाउंड्री वॉल से यह टकरा गया। यह बीएसएफ का सुपरकिंग विमान था। यह आठ सीटर विमान दिल्ली से रांची जा रहा था। ग्राउंड कंट्रोल से इसका संपर्क टूट गया। माना जा रहा है कि इसी वजह से यह क्रैश हुआ। यह विमान बीएसएफ के टेक्निकल स्टाफ को रांची लेकर जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक इसमें 10-12 लोग सवार थे। सूत्रों के मुताबिक पायलट को विमान में कोई तकनीकी दिक्कत महसूस हुई थी। इसलिए उसने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से इमरजेंसी लैंडिंग की भी इजाजत मांगी थी। पायलट को इसकी इजाजत दे दी गई थी, लेकिन वह इमरजेंसी लैंडिंग करा पाता इससे पहले ही हादसा हो गया। फिलहाल अभी हादसे की वजह का पता नहीं चल पाया है। ब्लैक बॉक्स मिलने पर ही घटना का कारण पता चलेगा। इसके अलावा यह भी पता नहीं चल पाया है कि मकान में रहने वाले लोगों को भी कोई नुकसान हुआ है या नहीं। माना जा रहा है कि कोहरे के कारण कम विजिबिलिटी भी क्रैश की एक वजह हो सकती है।

मजदूर भी आए चपेट में
जिस जगह प्लेन क्रैश हुआ है वहां कुछ मजदूर भी काम कर रहे थे। वे भी इसकी चपेट में आ गए हैं। मजदूरों पर विमान का मलबा गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

कोलकाता एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला
आज सुबह नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। जेट एयरवेज की एक बस ने एअर इंडिया के खड़े विमान को टक्कर मार दी। बस विमान के इंजन के एक हिस्से में जा घुसी और विंग से टकराते-टकराते बची। राहत की बात यह है कि किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। यह हादसा ऐसा था कि ब्लास्ट भी हो सकता था। गनीमत रही कि टक्कर ज्यादा जोर से नहीं लगी, वरना विमान के इंजन से टकराने पर ब्लास्ट भी हो सकता था। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। जहां तक मौसम की बात है तो हादसे के वक्त कोलकाता में बादल छाए हुए थे।

बेपरवाह प्रशासन, ठंड से मर रहे लोग

कई जिलों में अभी तक नहीं बांटे गए कंबल
रैनबसेरे व अलाव का भी नहीं है उचित इंतजाम
प्रदेश में अब तक ठंड से हो चुकी है 13 से ज्यादा लोगों की मौत

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार द्वारा नवंबर माह में ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि ठंड से बचने के पर्याप्त इंतजाम कर लिए जाएं। ठंड से प्रदेश में किसी की मौत नहीं होनी चाहिए। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही व नकारापन की वजह से प्रदेश में ठंड की वजह से 13 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। प्रदेश में दिन-प्रतिदिन पारा लुढक़ रहा है लेकिन आलम यह है कि कई जिलों में अभी तक कंबल भी वितरित नहीं किया गया है। इसके अलावा अलाव व रैनबसेरे का भी उचित इंतजाम न होने की वजह से गरीबों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।
इस समय पूरा उत्तर प्रदेश कड़ाके के ठंड की चपेट में है। दिन में तो तापमान ठीक रहता है लेकिन रात में तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है। कल जहां कानपुर में रात का तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस था तो वहीं राजधानी लखनऊ में 4 डिग्री था। ठंड को देखते हुए स्कूलों में छोटे बच्चों की छुट्टियां भी कर दी गई है। रात का तापमान गिरने की वजह से गरीबों की मुश्किलें बढ़ गई है। अलाव व रैनबसेरे का उचित प्रबंध न होने से पुल के नीचे या दुकानों के बाहर लोग ठिठुरते दिखे। अभी तक कई जिलों में गरीबों में कंबल भी वितरित नहीं किया गया है। हालांकि सरकार ने अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिया था कि ठंड से बचने के उचित इंतजाम किए जाएं। बीते दिनों कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने भी सख्ती से अधिकारियों को निर्देश दिया था कि प्रदेश में ठंड से किसी की मौत नहीं होनी चाहिए। लेकिन अधिकारियों के ऊपर मंत्री या मुख्य सचिव के निर्देश का असर नहीं दिख रहा। गोरखपुर में न्यूनतम पारा छह डिग्री गिरकर 4.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि वाराणसी और इलाहबाद में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री और 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गौरतलब है कि लगातार कई दिनों से पूरे प्रदेश में ठंड अपना असर दिखा रही है।

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