दिमागी बुखार का कहर, नौ मासूमों की मौत

बलरामपुर अस्पताल में वेंटीलेटर की भी सुविधा नहीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में दिमागी बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 48 घंटों में 8 मासूमों की मौत हो चकी हैं। दिगामी बुखार के कहर से राजधानी में दहशत का माहौल है। बलरामपुर अस्पताल के बाल रोग विभाग में शनिवार को भर्ती 4 बच्चों की मौत से हडकंप मच गया। उसके बाद रविवार को दिमागी बुखार से पीडि़त दो बच्चों की मौत सिविल में और एक बच्चे की मौत बलरामपुर अस्पताल में हो गई। जिसमें 3 बच्चे राजधानी के थे और एक सीतापुर जिले का रहने वाला था।
चिकित्सकों के मुताबिक इन बच्चों को दो से तीन दिन पहले नाजुक हालात में बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था उस समय बच्चों की हालत नाजुक थी। रविवार को सिविल अस्पताल में दिमागी बुखार से निगोहा की रहने वाली पूर्णिमा (6) और अंशी(8)की मौत हो गई। इसके अलावा बलरामपुर अस्पताल में भर्ती बच्चे अब्दुल कादिर (13 ) ने भी दम तोड़ दिया। राजधानी में दिमागी बुखार का प्रकोप बढ़ता चला जा रहा है। अभी तक सरकारी अस्पतालों में दिमागी बुखार से 5 मासूमों की मौत हो चुकी है। इसके आलावा राजधानी के बलरामपुर अस्पताल के बाल रोग विभाग में दिमागी बुखार से पीडि़त 5 मासूमों की हालात गंभीर है। पांचों बच्चों को एम्बु बैग से ऑक्सीजन दी जा रही है। जिला अस्पताल होने के बावजूद बलरामपुर अस्पताल में वेंटीलेटर नहीं है, जिसके कारण मासूमों की जान पर लगातार खतरा बना है। वहीं 30 अगस्त को केजीएमयू में भी एक मौत हो चुकी थी।

अस्पताल में भर्ती मरीजों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्हें बेहतर इलाज दिया जा रहा है। बलरामपुर अस्पताल में वेंटीलेटर की व्यवस्था नहीं है। इसलिए गंभीर मरीजों को एम्बु बैग से ऑक्सीजन दिया जाता है। वेंटीलेटर के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
– डॉ. प्रमोद, डायरेक्टर
बलरामपुर अस्पतालड्ढ

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